
'पहलवानों की एकता में सेंध लगाना चाहता है दुश्मन', साक्षी मलिक का योगेश्वर दत्त पर पलटवार
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योगेश्वर दत्त के आरोपों को लेकर साक्षी मलिक ने एक चिट्ठी सार्वजनिक की है. इस चिट्ठी में कहा गया है कि रेस्लर प्रोटेस्ट में शामिल होने वाले कुछ पहलवानों को एशियन गेम्स 2023 और वर्ल्ड चैम्पियनशप 2023 के ट्रायल्स की तैयारी के लिए कुछ समय की जरूरत है. ट्रायल्स को 10 अगस्त के बाद शुरू करने का अनुरोध किया गया है.
प्रदर्शनकारी पहलवानों को ट्रायल में दी जाने वाली छूट को लेकर योगेश्वर दत्त के बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है. अब साक्षी मलिक ने एक चिट्ठी जारी की है. यह चिट्ठी पहलवानों ने खेल मंत्री को लिखी थी, जिसमें एशियन गेम्स के लिए होने वाले ट्रायल्स को आगे बढ़ाने की मांग की गई है.
महिला पहलवान साक्षी मलिक ने ट्वीट कर यह चिट्ठी सार्वजनिक की है. उन्होंने ट्वीट कर बताया कि हम आंदोलित पहलवानों ने ट्रायल्स को सिर्फ आगे बढ़ाने के लिए चिट्ठी लिखी थी क्योंकि पिछले छह महीने से आंदोलन में शामिल होने के कारण हम प्रैक्टिस नहीं कर पाए. इस मामले की गंभीरता को हम समझते हैं इसलिए यह चिट्ठी आपसे साझा कर रहे हैं. दुश्मन पहलवानों की एकता में सेंध गाना चाहता है. उसे कामयाब नहीं होने दें.
इस चिट्ठी में कहा गया है कि रेस्लर प्रोटेस्ट में शामिल होने वाले कुछ पहलवानों को एशियन गेम्स 2023 और वर्ल्ड चैम्पियनशप 2023 के ट्रायल्स की तैयारी के लिए कुछ समय की जरूरत है. ट्रायल्स को 10 अगस्त के बाद करने का अनुरोध किया गया है. इस चिट्ठी के जरिए जिन पहलवानों ने ट्रायल को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है, उनमें विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, सत्यव्रत कादियां, संगीत फोगाट और जितेंद्र कुमार के नाम हैं.
दरअसल ओलंपिक विजेता साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने पहलवान योगेश्वर दत्त पर गलतबयानबाजी करने का आरोप लगाया है. इनका कहना है कि योगेश्वर दत्त गलत जानकारी दे रहे हैं.
क्या है मामला?
पहलवान योगेश्वर दत्त ने धरना देने वाले पहलवानों को एशियन गेम्स के ट्रायल्स में छूट देने को लेकर सवाल उठाए थे. उन्होंने वीडियो जारी र कहाथा कि पता नहीं किसने क्राइटेरिया बनाया है कि धरने पर बैठे छह पहलवान सीधे फाइनल ट्रायल में हिस्सा लेंगे. योगेश्वर ने कहा था कि अगर ऐसे ही ट्रायल लेना है तो इन पहलवानों के अलावा ओलंपिक में मेडल विजेता रवि दहिया, दीपक पूनिया, अंशु मलिक, सोनल मलिक जो देश के एक नंबर के पहलवान हैं. उन्हें भी मौका दिाय जाए. सिर्फ छह ही पहलवानों को छूट देना गलत है.

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