
पहलगाम हमले के बाद 'नकलची' पाकिस्तान की खुली पोल, एक-एक कर भारत के हर कदम को कर रहा कॉपी
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भारत सरकार ने जैसे ही पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए सर्वदलीय डेलिगेशन को विदेश दौरे पर भेजने का फैसला किया, वैसे ही पड़ोसी मुल्क को डर सताने लगा. इसके बाद शनिवार को अपना प्रोपेगेंडा फैलाने के मकसद से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी को विदेश दौरा करने वाले एक डेलिगेशन की जिम्मेदारी सौंपी है.
भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की इंटरनेशनल बेइज्जती हो चुकी है और आतंक परस्त मुल्क का चेहरा पूरी दुनिया ने देख लिया है. अब भारत सरकार ने सांसदों की अगुवाई में सात समूहों का गठन किया है जो 33 देशों का दौरा कर पाकिस्तान को बेनकाब करेंगे. इस ग्रुप में अलग-अलग पार्टियों के सांसदों के अलावा मंत्रियों और पूर्व राजदूतों को भी शामिल किया गया है. लेकिन पाकिस्तान इस कदम पर भी भारत की नकल करने से बाज नहीं आया और उसने पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो को हाई लेवल डेलिगेशन की अगुवाई का जिम्मा सौंपा है, जो विदेश में जाकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का पक्ष रखेगा.
पाकिस्तान भी भेजेगा डेलिगेशन
भारत सरकार ने जैसे ही पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए सर्वदलीय डेलिगेशन को विदेश दौरे पर भेजने का फैसला किया, वैसे ही पड़ोसी मुल्क को अपनी पोल खुलने का डर सताने लगा. इसके बाद शनिवार को अपना प्रोपेगेंडा फैलाने के मकसद से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी को चुना है. शरीफ ने बिलावल को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी है, जो अलग-अलग देशों का दौरा करेगा.
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पाकिस्तान ने बिलावल के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया है, जिसमें पूर्व मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान, हिना रब्बानी खार और पूर्व विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी शामिल हैं. बिलावल ने एक एक्स पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मुझसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति के लिए पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का अनुरोध किया. मैं इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहा हूं.'
पीएम मोदी की तरह शहबाज का दौरा

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