
पहलगाम आतंकी हमले में IB, नेवी और एयरफोर्स के तीन सर्विंग अफसरों की मौत... परिवार के सामने बने आतंकियों के निशाना
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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस हमले में न केवल 26 मासूम लोगों की जान गई, बल्कि आतंकियों ने देश की सुरक्षा में तैनात तीन सर्विंग अफसरों को भी अपना निशाना बना लिया. इंडियन इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी मनीष रंजन, भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल और भारतीय वायुसेना के कॉरपोरेल टेज हैलियांग की आतंकियों ने उनके परिवार के सामने बेरहमी से जान ले ली. ये तीनों अफसर छुट्टी पर अपने परिवारों के साथ पहलगाम घूमने गए थे.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया है. इस हमले में न सिर्फ 26 लोगों की जान गई, बल्कि तीन सर्विंग डिफेंस अफसर भी आतंकियों का शिकार बन गए. ये अफसर छुट्टियों पर अपने परिवार के साथ पहलगाम घूमने आए थे, लेकिन आतंक की इस कायराना हरकत ने उनकी जिंदगी खत्म कर दी. आईबी अधिकारी मनीष रंजन, नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल और वायुसेना के कॉर्पोरल टेज हैलियांग की इस हमले में मौत हो गई.
बिहार के रोहतास जिले के अरुही गांव के रहने वाले मनीष रंजन इंटेलिजेंस ब्यूरो में अधिकारी थे और फिलहाल हैदराबाद में पोस्टेड थे. बीते महीने उन्होंने अपने परिवार से कहा था कि वे पहलगाम घूमने जा रहे हैं. वे अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ पहुंचे भी, लेकिन किसी को क्या पता था कि यह उनकी आखिरी यात्रा होगी.
उनके चाचा आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि परिवार के अन्य सदस्य भी साथ जाने वाले थे, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से रुक गए. मनीष की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, मातम पसर गया. मनीष तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और उनके दोनों छोटे भाई भी सरकारी सेवा में हैं.
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हरियाणा के करनाल निवासी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भारतीय नौसेना में तैनात थे और कोच्चि में पोस्टेड थे. हाल ही में उनकी शादी हुई थी और वह अपनी पत्नी के साथ हनीमून पर पहलगाम आए थे. विनय की मौत की खबर मिलते ही करनाल के सेक्टर 7 स्थित उनके घर पर लोगों की भीड़ लग गई.
उनके पिता बेटे का शव लेने के लिए जम्मू-कश्मीर रवाना हो गए हैं. विनय की पत्नी इस हमले में किसी तरह बच गईं, लेकिन उन्होंने आंखों के सामने अपने पति को खो दिया.

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