
पप्पू यादव ने क्यों कहा- 'बाबू अखिलेश यादव जी, आप से न हो पाएगा'
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UP Block Pramukh Election Violence: उत्तर प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में हुई हिंसा को लेकर पूर्व सांसद पप्पू यादव योगी सरकार से ज्यादा अखिलेश यादव पर नाराज दिखे. उन्होंने कहा कि 'बाबू अखिलेश यादव जी, आप से न हो पाएगा सड़क पर संघर्ष.'
उत्तर प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख (UP Block Pramukh Election) चुनाव की नामांकन प्रक्रिया में 15 से ज्यादा जिलों में गोली चलने, बम चलने, मारपीट की हिंसक (Block Pramukh Election Violence) घटनाएं सामने आईं. इन घटनाओं को लेकर जहां विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर है तो वहीं जन अधिकार पार्टी के मुखिया पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना साधा है. बाबू अखिलेश यादव जी, आप से न हो पाएगा, सड़क पर संघर्ष!इतनी बड़ी पार्टी,इतना संसाधन हो तो BJPवालों की गुंडई और ढोंगी के दुःशासन का होश ठिकाने लगा देता! एक बहन का बीच सड़क पर चीरहरण और आप आराम से बैठे हो!जेल से निकलता हूं, संघर्ष के लिए पार्टी आउटसोर्स कर दीजिएगा! फिर दिखाते हैं।
पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










