
पथरीली जमीन पर दिहाड़ी मजदूर ने चलाया हल, सालाना कमाने लगा 3 लाख रुपये
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मन में अगर जज्बा और लगन हो तो इंसान मुश्किल से मुश्किल काम को भी कर जाता है. धनबाद के एक दिहाड़ी मजदूर ने अपनी कड़ी मेहनत से बंजर जमीन को उपजाऊ बना दिया. अब खेती से सालाना तीन लाख रुपये कमा रहा है.
मन में अगर जज्बा और लगन हो तो इंसान मुश्किल से मुश्किल काम को भी कर जाता है. झारखंड के धनबाद में एक दिहाड़ी मजदूर ने अपनी कड़ी मेहनत से बंजर जमीन को भी उपजाऊ बना दिया. एक समय था जब इस जमीन पर कंकड़ और बड़े-बड़े पत्थर हुआ करते थे. लेकिन आज चारों तरफ हरियाली ही हरियाली है. टाटा सिजुआ के रहने वाले उमा महतो पहले दिहाड़ी मजदूर थे और मजदूरी से वो इतना पैसा भी नहीं कमा पाते थे कि जिससे उनका घर चल सके. इसके बाद उमा ने कुछ अलग करने की ठानी. वे खेती करना चाहते थे, लेकिन उनके पास इतनी जमीन भी नहीं थी कि जिस पर वो खेती कर सकें. उमा की नजर कंकड़-पत्थर से भरी खाली जमीन पर पड़ी. उन्होंने कड़ी मेहनत से उस जमीन को समतल किया और फिर इसकी जुताई शुरू की इसके बाद खेती करना शुरू कर दिया. अब उमा महतो इस दो एकड़ जमीन से सालाना तीन लाख रुपये कमा रहे हैं.More Related News













