
पटना के बाद अब सुर्खियों में छपरा जंक्शन, रेलकर्मी का VIDEO हुआ वायरल
AajTak
Chhapra Junction: बिहार के छपरा जंक्शन का एक वीडियो सामने आया है. इसमें टिकट काउंटर की सीट पर बैठे रेलकर्मी की अनुशासनहीनता कैद हुई है. वीडियो सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया. बीते दिनों पटना रेलवे स्टेशन पर लगी एलईडी स्क्रीन पर अश्लील फिल्म चलने की घटना सामने आई थी.
बिहार में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें टिकट काउंटर की सीट पर बैठा रेलकर्मी बिना कमीज पहने टिकट काटता नजर आ रहा है. कहा जा रहा है कि ये वीडियो पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा जंक्शन का है. इस मामले में वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी और छपरा जंक्शन के DCI का बयान भी सामने आया है.
वायरल वीडियो को लेकर छपरा जंक्शन के DCI गणेश कुमार यादव ने कहा कि वीडियो आज सुबह की शिफ्ट का है. वीडियो में दिख रहा रेलकर्मी केशव प्रसाद शर्मा है. इस संबंध में वाराणसी मंडल के DRM द्वारा कंट्रोल से सूचना भेजी गई है. मामले में जांच कर DRM को रिपोर्ट भेजी जाएगी. यह भी कहा कि इस मामले में अधिकृत रूप से वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी ही पूरी जानकारी दे पाएंगे.
वाराणसी मंडल के पीआरओ का बयान
वहीं, वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है. इसकी जांच स्थानीय अधिकारी से करवाई गई है. रेलकर्मी की पहचान केशव प्रसाद शर्मा के रूप में हुई है. मामला पूरी तरह अनुशासनहीनता का है. उसे भविष्य में ऐसी गलती न करने की चेतावनी दी गई है. उन्होंने ये भी कहा कि किसी भी सूरत में निर्धारित यूनिफॉर्म के बिना किसी भी रेलकर्मी को ड्यूटी नहीं करनी है.
देखिए वीडियो...
एलईडी स्क्रीन पर चल गई थी अश्लील फिल्म

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









