
न हथियार में कोई बराबर, न पैसे में... छोटा देश-बड़े-बड़ों पर भारी, ये 5 सीक्रेट बनाते हैं इजरायल को सुपरपावर
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Israel-Hamas War : इजरायल की इकोनॉमी की सबसे बड़ी ताकत की बात करें तो ये निर्यात है. इसके कारोबारी रिश्ते अमेरिका, चीन, भारत, ब्रिटेन, जर्मनी जैसे बड़े देशों के है. इजरायल से मोती, हीरे-ज्वैलरी, फर्टिलाइजर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट और क्रूड ऑयल का एक्सपोर्ट किया जाता है.
इजरायल और हमास के बीच युद्ध (Israel-Hamas War) लगातार जारी है और इसमें दोनों ओर से हजारों की संख्या में जानें जा चुकी हैं. हमास के हमले का करारा जवाब देते हुए इजरायल ने गाजा पट्टी (Gaza Patti) में ऐसी बमबारी की, कि हर ओर चीख-पुकार, टूटी इमारतें, रोते-बिलखते लोग नजर आ रहे हैं. यहां बता दें कि इजरायल की गिनती दुनिया के ताकतवर देशों में की जाती है और बेहद छोटा देश होते हुए भी इसकी आर्थिक स्थिति मजबूत है. आइए पांच प्वाइंट में जानते हैं कि आखिर क्यों और किस लिहाज से इजरायल इतना ताकतवर है.
पहला कारण इजरायल को आर्थिक रूप से बेहद मजबूत देश माना जाता है. इसकी जीडीपी (Israel GDP) साल 2023 में 564 अरब डॉलर है, वहीं इसकी प्रति व्यक्ति आय की बात करें तो ये लगभग 58,000 डॉलर है. जो अपने आप में काफी ज्यादा है. वहीं इसकी तुलना में फिलिस्तीन कहीं भी नहीं टिकता, क्योंकि इसकी GDP महज 19 अरब डॉलर के करीब है और यहां की प्रति व्यक्ति आय भी इजरायल की तुलना में बहुत कम है, ये आंकड़ा 3,789 डॉलर है.
दूसरा कारण स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल का डिफेंस बजट करीब 2 लाख करोड़ रुपये यानी 23.4 बिलियन डॉलर का है. ये बजट इजरायल की कुल जीडीपी का 4.5 फीसदी है, जबकि ग्लोबली डिफेंस पर जितना खर्च होता है, उसमें इजरायल की हिस्सेदारी करीब एक फीसदी होती है. डिफेंस बजट के मामले में भले ही इजरायल काफी देशों से पीछे हो, लेकिन जीडीपी के आधार पर डिफेंस पर बजट पर खर्च इजरायल को दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश बनाता है. इस मामले में रूस, अमेरिका, भारत और चीन जैसे बड़े देश भी पीछे है.
तीसरा कारण इजरायल की इकोनॉमी की सबसे बड़ी ताकत की बात करें तो ये निर्यात है. इसके कारोबारी रिश्ते अमेरिका, चीन, भारत, ब्रिटेन, जर्मनी जैसे बड़े देशों के है. इजरायल से मोती, हीरे-ज्वैलरी, फर्टिलाइजर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट और क्रूड ऑयल का एक्सपोर्ट किया जाता है. भारत इजरायल के सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर्स में से एक है और दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात करीब 10 बिलियन डॉलर से भी अधिक का है. इसमें निर्यात 8.5 बिलियन डॉलर का, तो आयात 2.3 बिलियन डॉलर है. न केवल निर्यात के मामले में बल्कि अमेरिका समेत अन्य बिजनेस पार्टनर्स के साथ इजरायल के अन्य सेक्टर्स में भी अच्छे संबंध हैं.
चौथा कारण इजरायल का डिफेंस सिस्टम काफी मजबूत है और इसका एक बड़ा उदाहरण है Iron Dome, जो कि देश की ओर आने वाली मिसाइलों-रॉकेट को हवा में ही मार गिराने की क्षमता रखता है. इस अत्याधुनिक डिफेंस सिस्टम को देश का सुरक्षा कवच कहा जाता है. आयरन डोम (IRON Dome) की लागत की बात करें तो रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये तकरीबन 3 लाख करोड़ रुपये के आस-पास है. इस हिसाब से देखा जाए तो इसकी लागत फिलिस्तीन की जीडीपी यानी 19.1 अरब डॉलर (1.5 लाख करोड़ रुपये) से कहीं ज्यादा है. इजरायल ने इसे अमेरिका के सहयोग से तैयार किया है. इसे बनाने का विचार इजरायली ब्रिगेडियर जननरल टैनियल गोल्ड को 2004 में आया था.
पांचवां कारण इजरायल के क्षेत्रफल के बारे में बताएं, तो वैसे तो आबादी और क्षेत्रफल में ये देश बहुत छोटा है. लेकिन सैन्य तौर पर काफी ताकतवर है. जिस वजह से वो हर हमले को मुंहतोड़ जवाब देता है. इस बार भी हमास पर अब कहर बनकर टूटा है. दरअसल, मौजूदा समय इजरायल की आबादी करीब 98 लाख है, आबादी में इजरायल उत्तराखंड (Uttrakhand) से भी कम है. उत्तराखंड की आबादी करीब 1.14 करोड़ है. अगर क्षेत्रफल की बात करें तो इजरायल का क्षेत्रफल 22,145 वर्ग किलोमीटर मीटर है, जबकि इससे ज्यादा भारत में मणिपुर का क्षेत्रफल 22,327 वर्ग मीटर है. इतना छोटा देश होने के बावजूद इजरायल की तरफ कोई आंख उठाकर नहीं देख सकता. इसकी वजह ये है कि इजरायल की सेना और उसकी हाईटेक टेक्नोलॉजी.

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