
'नॉन-वेज फूड हलाल है या झटका यह जानना यात्रियों का अधिकार', रेलवे को NHRC ने भेजा नोटिस
AajTak
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने IRCTC द्वारा परोसे जा रहे नॉन-वेज भोजन में पारदर्शिता की कमी पर सख्त रुख अपनाया है. आयोग ने रेलवे बोर्ड से नई कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है और FSSAI व पर्यटन मंत्रालय को भी नोटिस जारी किया है.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भारतीय रेलवे द्वारा IRCTC के जरिए ट्रेनों में परोसे जा रहे नॉन-वेज फूड को लेकर पारदर्शिता की गंभीर कमी पर चिंता जताते हुए रेलवे बोर्ड से नई कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report–ATR) मांगी है. आयोग ने इस मामले में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और पर्यटन मंत्रालय को भी नोटिस जारी कर अपने-अपने नियामक ढांचे में NHRC की टिप्पणियों को शामिल करने के निर्देश दिए हैं.
यह निर्देश उस शिकायत के बाद जारी किए गए हैं, जिसमें आरोप लगाया गया था कि भारतीय रेलवे में IRCTC के माध्यम से केवल हलाल मीट परोसा जा रहा है. शिकायत में इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए यात्रियों की पसंद की स्वतंत्रता, धार्मिक अधिकारों और गैर-मुस्लिम समुदायों से जुड़े लोगों की आजीविका पर असर पड़ने का मुद्दा उठाया गया था. 21 नवंबर 2025 को दर्ज शिकायत पर NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की.
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ट्रेनों और IRCTC द्वारा मैनेज कैंटीन में केवल हलाल मांस परोसना संविधान के तहत प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन है और इससे हिंदुओं समेत अन्य गैर-मुस्लिम समुदायों के रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं. शिकायत में संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19(1)(g), 21 और 25 के उल्लंघन के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट और NHRC के पूर्व आदेशों का भी हवाला दिया गया.
यह भी पढ़ें: पटरी पर लेटा मासूम, ऊपर से धड़धड़ाती गुजरी ट्रेन: पतंग लूटने के चक्कर में रेलवे ट्रैक पर फंस गया था, देखें- VIDEO
IRCTC ने अपने जवाब में क्या कहा?
IRCTC ने 10 दिसंबर 2025 को दाखिल जवाब में कहा था कि वह हलाल सर्टिफिकेशन को अनिवार्य नहीं करता और उसकी कोई ऐसी खरीद नीति नहीं है. उसका कहना था कि वह केवल FSSAI के खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का पालन कराता है और रेलवे मंत्रालय किसी धार्मिक सर्टिफिकेशन पर जोर नहीं देता. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने IRCTC की रिपोर्ट को अधूरा और अस्पष्ट बताते हुए कहा कि यात्रियों को यह जानने का मौलिक अधिकार है कि वे क्या खा रहे हैं.

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.









