
नीतीश कुमार से लालू परिवार की दूरी 500 मीटर और बढ़ जाएगी, लेकिन इससे बदलेगा क्या?
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राबड़ी देवी का बंगला बदला जाना नए राजनीतिक समीकरणों से उपजा संदेश है. नीतीश की तरफ से ये संदेश लालू यादव को है, या बीजेपी नेतृत्व को? समझने वाली बात ये भी है. और, ऐसे सवालों को जन्म देती है नीतीश कुमार के सरकारी आवास और राबड़ी देवी के पुराने और नए बंगले की बीच की दूरी.
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का पता बदल गया है. साथ ही, तेजस्वी यादव और लालू यादव का भी आवासीय पता बदल गया है. ये सब राबड़ी देवी के लिए नए आवास के आवंटन के कारण हुआ है. वैसे नए घर में शिफ्ट होने में कोई खास मुश्किल नहीं होने वाली है - क्योंकि दोनों के बीच फासला अब भी महज 800 मीटर का ही होगा. जबकि अब तक लालू परिवार बिहार सीएम आवास से 300 मीटर की दूरी पर रहता था.
ये बदलाव बिहार के भवन निर्माण विभाग की तरफ से मंत्रियों और विधान परिषद में विपक्ष के नेता के लिए आवास आवंटित किए जाने के दौरान हुआ है. भवन निर्माण विभाग की तरफ से इस सिलसिले में औपचारिक पत्र भी जारी कर दिया है.
ऐसा भी नहीं कि सरकारी आवास दिए जाने के लिए कोई नया नियम बनाया गया है, और लालू परिवार को उसका खामियाजा भुगतना पड़ा है. असल में, ये सब पटना हाई कोर्ट के आदेश पर हुआ है, जब अदालत ने बिहार सरकार के नियमों को रद्द कर दिया था. अदालत का ये आदेश तेजस्वी यादव की एक याचिका पर सुनवाई के बाद आया था.
बताते हैं कि ये नियम उस दौरान बनाए गए थे जब तेजस्वी यादव सरकार में डिप्टी सीएम हुआ करते थे. खास बात ये है कि नियम तेजस्वी यादव के 2025 का विधानसभा चुनाव हार जाने के बाद उनके परिवार के मामले में लागू किया गया है.
लेकिन, सबसे दिलचस्प बात है नीतीश कुमार के सरकारी आवास से राबड़ी देवी के नए आवास की दूरी - और समझने वाली बात ये है कि क्या नीतीश कुमार और लालू यादव की 'सहोदर' भाई जैसी दोस्ती में दिलों की दूरी में भी फर्क आया है?
बिहार में बदला क्या है?

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