
नाबालिग बच्चियों के हाथ बांधकर की थी दरिंदगी, गिरफ्तार हुआ बाल आश्रय गृह का चपरासी
AajTak
पुणे में दो छात्राओं से रेप के मामले में 55 साल के चपरासी को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी रमेश दगडू साठे ने वाघोली के वेड-बोल्हाई में स्थित बाल आश्रय गृह में कथित तौर पर 11 साल की दो बच्चियों से रेप किया था.
महाराष्ट्र के पुणे में दो छात्राओं से रेप के मामले में 55 साल के चपरासी को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी रमेश दगडू साठे ने वाघोली के वेड-बोल्हाई में स्थित बाल आश्रय गृह में कथित तौर पर 11 साल की दो बच्चियों से रेप किया था. 7 जून को हुई यह घटना तब प्रकाश में आई जब पीड़ितों ने आश्रय गृह के प्रबंधन के सामने सबकुछ बताया.
लोणिकंद पुलिस के अनुसार, साठे ने दोनों नाबालिगों के हाथ बांध दिए, उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और फिर उनका यौन उत्पीड़न किया. उसने बच्चों को घटना की सूचना किसी को देने पर जान से मारने की धमकी भी दी. मामला शुरू में घोडेगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में इसे लोणिकंद पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया.
सह्याद्री आदिवासी ग्रामीण विकास प्रतिष्ठान के प्रबंधक, जो आश्रय गृह का संचालन करता है, ने बच्चों के परेशान व्यवहार और भूख की कमी को देखा. धीरे-धीरे पूछताछ करने पर पीड़ितों ने उत्पीड़न का खुलासा किया, जिसके बाद प्रबंधक ने अधिकारियों को सूचित किया. बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के आदेश पर आश्रय गृह भेजे गए बच्चों को उनके आघात से निपटने के लिए परामर्श दिया गया है. पुलिस उपायुक्त हिम्मत जाधव ने गिरफ्तारी की पुष्टि की और कहा कि जांच जारी है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में चल रही नकली ब्रांडेड जूतों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खुलासा किया है. यहां नाइकी, एडिडास, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के नकली जूते बनाए जा रहे थे. पुलिस ने यूनिट के मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर भारी मशीनें और हजारों नकली जूतों के पार्ट्स बरामद किए हैं.

राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.










