
'नशे में नहीं था, कार 50 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी', वडोदरा में 5 लोगों को कुचलने वाले लॉ स्टूडेंट का दावा
AajTak
गुजरात के वडोदरा में गुरुवार को कार सवार युवक ने स्कूटी में टक्कर मार दी थी. साथ ही चार अन्य लोगों को भी कुचल दिया था. जिससे एक महिला की मौत हो गई. जबकि 4 अन्य घायल हो गए.
गुजरात के वडोदरा में गुरुवार को कार से पांच लोगों को टक्कर मारने वाले 20 वर्षीय युवक ने इस बात से इनकार किया है कि उसने घटना के दौरान शराब पी रखी थी. साथ ही युवक ने दावा किया है कि एक स्कूटी सवार से टक्कर के बाद एयरबैग खुल गया था. जिसकी वजह से उसे आंख से दिखाई नहीं दिया और सड़क किनारे खड़े 4 अन्य लोग कुचल गए. साथ ही युवक ने तेज गति से कार चलाने से भी इनकार किया है.
मीडिया से बातचीत के दौरान युवक रक्षित चौरसिया ने कहा, "चौराहे के पास एक गड्ढा था. मैंने जगह देखकर साइड से निकलने की कोशिश की लेकिन गड्ढे के कारण मेरी कार आगे चल रहे स्कूटर से टकरा गई. झटका लगने की वजह से एयरबैग खुल गया. जिससे आगे कुछ दिखाई नहीं दिया और अन्य लोग कुचल गए. मेरे कार की स्पीड 50 KM प्रति घंटे से ज्यादा नहीं थी.
यह भी पढ़ें: गुजरात के वडोदरा में बड़ा हादसा... तेज रफ्तार कार की टक्कर से महिला की दर्दनाक मौत, 7 लोग घायल
हालांकि, दुर्घटनास्थल से एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नशे में धुत रक्षित दुर्घटना के बाद कार से बाहर निकलता हुआ और "एक और राउंड" चिल्लाता हुआ दिखाई दे रहा है. जबकि आस-पास खड़े लोग उसे पकड़ने की कोशिश कर रहे थे और घायल लोग ज़मीन पर बिखरे पड़े थे. वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि कार बहुत तेज़ गति से चल रही थी. हालांकि, रक्षित ने इस बात से इनकार किया कि वह तेज़ गति से गाड़ी चला रहा था.
गुरुवार देर रात हुआ था हादसा
यह दुर्घटना गुरुवार देर रात करीब 12.30 बजे करेलीबाग इलाके के पास हुई थी. इसके बाद रक्षित चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया गया. वह उत्तर प्रदेश के वाराणसी का रहने वाला है और वडोदरा के एक विश्वविद्यालय में लॉ की पढ़ाई कर रहा है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








