
'नथुनियां के गुना टूटल ये राजा...', टाल के गैंगस्टर दुलारचंद यादव की कहानी, जिसने अनंत सिंह को दी चुनौती
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मोकामा का टाल क्षेत्र फिर से एक राजनीतिक हत्या का गवाह बना है. गंगा के किनारे की ये जमीन खेती-बारी के लिए जितनी उपजाऊ है उतनी ही सघन और टफ यहां की सियासत है. दुलारचंद की हत्या के बाद ये पूरा इलाका एक बार फिर से सहमने लगा है. यहां दुलारचंद यादव और अनंत सिंह के बीच अदावत की कहानी पुरानी है.
नथुनियां के गुना टूटल ये राजा जवानियां में गड़िया छूटल ये राजा बड़ी धूमधाम से शादी मोर भइले शादी होके पिया बंबई चल गइले...
पहलवानी का शौक रखने वाले दुलारचंद यादव स्थानीय लोकगीतों में जब गला आजमाते तो माहौल बना देते. उन्होंने ये गीत चुनावी अभियान के दौरान एक इंटरव्यू में गाया था. गुरुवार को माकामा में चुनाव प्रचार के दौरान उनका कत्ल कर दिया गया. अनंत सिंह से उनकी अदावत बहुत पुरानी थी. अनंत सिंह को वो छोटे सरकार नहीं मानते थे. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अब मोकामा में बड़ा सरकार आ गया है और उसका नाम है पीयूष प्रियदर्शी.
दुलारचंद यादव खुद चुनाव नहीं लड़ रहे थे बल्कि वे मोकामा सीट पर अनंत सिंह के खिलाफ जन सुराज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पीयूष प्रियदर्शी का प्रचार कर रहे थे.
मोकामा की धरती पर बाहुबल का जोर वर्षों से चुनाव को रक्तरंजित करता आया है. गंगा की लहरों के किनारे मौजूद इस जमीन पर फसल और सियासत दोनों ही ऊर्वर है.
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