नई संसद के उद्घाटन पर 'फ्लोर टेस्ट', समर्थन से कई पार्टियों ने दिया सरप्राइज, कुछ दलों पर अब भी सस्पेंस
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28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन की नई इमारत का उद्घाटन करेंगे. विपक्षी दल एकजुट होकर उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार कर रहे हैं. एनडीए समेत करीब दो दर्जन पार्टियां कार्यक्रम में शामिल होने के न्यौते को स्वीकर कर चुकी हैं. 25 पार्टियों को न्योता मंजूर है और उद्घाटन का समर्थन कर रही हैं. वहीं कांग्रेस समेत 21 पार्टियां ऐसी हैं, जो उद्घाटन का बहिष्कार करेंगी.
नई संसद के उद्घाटन को लेकर सियासी बवाल जारी है. रविवार 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन की नई इमारत का उद्घाटन करेंगे. वैसे तो हमारे देश में सत्ता के खिलाफ जब कोई अविश्वास प्रस्ताव आता है, तब संसद के भीतर बहुमत जांचने के लिए शक्ति परीक्षण किया जाता है. लेकिन आज आपको उस शक्ति परीक्षण की दस्तक को समझना है, जो नई संसद के उद्घाटन से पहले ही हो रहा है, जिसे हमने नाम दिया है 'नई संसद पर फ्लोर टेस्ट'.
कारण, विपक्षी दल एकजुट होकर उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार कर रहे हैं. वहीं एनडीए में शामिल पार्टियों समेत करीब दो दर्जन दल कार्यक्रम में शामिल होने के न्योते को स्वीकर कर चुके हैं. आज हम आपको नई संसद पर फ्लोर टेस्ट के बारे में बता रहे हैं. इसमें ये देखना है कि बहिष्कार करने वाले ताकतवर हैं या उद्घाटन का समर्थन करने वाले.
दरअसल, संसद के दो सदन हैं. पहले नई संसद का लोकसभा पर फ्लोर टेस्ट करते हैं. अब तक के आंकड़े बताते हैं कि 376 सांसद यानी 68 फीसदी लोकसभा के सांसद नई संसद के उद्घाटन के समर्थन में हैं, जबकि विपक्ष के 168 लोकसभा सांसद यानी 31 प्रतिशत सांसद इसके उद्घाटन का बहिष्कार कर रहे हैं.
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नई संसद पर राज्यसभा का फ्लोर टेस्ट देखा जाए तो राज्यसभा के 131 सांसद यानी 55 फीसदी समर्थन में हैं और 104 राज्यसभा सांसद यानी 45 प्रतिशत विरोध कर रहे हैं.

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