
दो आधार कार्ड, दो नाम और एक ही फोटो.... आखिर क्या है इटावा में कथावाचक की जाति का सच?
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गांव की रेनू तिवारी और उनके पति इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे. उन्होंने कथावाचकों पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए शिकायत की और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की. ब्राह्मण समाज महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण दुबे ने भी कहा कि ये लोग फर्जी आधार कार्ड बनवाकर ब्राह्मण बनकर गलत तरीके से यह गुमराह करते थे. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने अपने आप को ब्राह्मण बताया. इसके बाद कथावाचक बने.
इटावा में जाति पूछकर कथावाचक की पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा इन कथावाचकों को लखनऊ में बुलाकर सम्मानित किए जाने के बाद गांव के महिलाओं ने इन पर छेड़खानी किए जाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं अब इन कथावाचक के दो-दो आधार कार्ड भी सामने आए हैं. इसकी भी जांच शुरू हो गई है. दोनों आधार कार्ड का नंबर एक ही है, उस पर एक ही व्यक्ति की फोटो भी लगी है, लेकिन उस पर नाम अलग-अलग है.
गांव की रेनू तिवारी और उनके पति जय प्रकाश तिवारी मंगलवार की देर शाम इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे. उन्होंने छेड़खानी की शिकायत करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की. ब्राह्मण समाज महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण दुबे ने भी कहा कि फर्जी आधार कार्ड बनवाकर ब्राह्मण बनकर गलत तरीके से यह गुमराह करते थे. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने अपने आप को ब्राह्मण बताया. इसके बाद कथावाचक बने. लेकिन जब वहां सच्चाई खुल गई तब यह घटना हुई, उन्होंने कहा कि मारपीट की हम लोग निंदा करते हैं. उन्होंने कहा कि महिला के साथ छेड़खानी हुई है उसकी जांच होनी चाहिए और उन कथावाचकों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए.
अंगुली पकड़कर की छेड़खानी
पीड़ित महिला रेनू तिवारी ने बताया कि हमारे यहां ये कथा कहने पहुंचे थे. जब हम लोग पहले दिन की कथा समाप्त होने के बाद भोजन करवा रहे थे उस समय कथावाचक ने अंगुली पकड़कर हमारे साथ बदतमीजी की और छेड़खानी कर दी. तभी हमने अपने पति को बताया तो उसे समय वहां मौजूद लड़के आक्रोशित हो गए. हमने अभी पुलिस अधिकारी से इसकी शिकायत की है. यह लोग फर्जी तरीके से ब्राह्मण बनकर आए थे और आधार कार्ड भी फर्जी बनवा रखे थे.
पुलिस बोली जांच के बाद कार्रवाई
पीड़ित परीक्षित महिला का पति जयप्रकाश तिवारी का कहना है कि वो हरिद्वार में रहते हैं प्राइवेट नौकरी करते हैं. हम लोगों को कुछ नहीं मालूम था. लेकिन जैसे ही शाम को उन लोगों ने मेरी पत्नी के साथ बदतमीजी की छेड़खानी कर दी तो जैसे ही हम लोगों ने उनके साथ विरोध किया तो वह लोग धमकाने लगे. उन्होंने कहा कि हमारे संबंध अखिलेश यादव से है, हम तुम्हें घर से उठा लेंगे. उसी समय पता चला कि यह लोग यादव हैं, मैं बाहर रहता हूं मेरे बच्चे बाहर रहते हैं हम लोग डर गए उसके बाद वहां स्थानीय लड़कों ने उनके साथ जो किया वह ठीक नहीं था अब हमने अधिकारियों से इसकी शिकायत की है और निष्पक्ष जांच करने की मांग भी की है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित महिला ने कुछ बात बताई है. उस पर विवेचना हो रही है और सच्चाई के आधार पर कार्रवाई होगी.

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