
दिल्ली-NCR ही नहीं, पूरे देशभर में है पटाखों को लेकर ये नियम... दिवाली से पहले पढ़ें SC की गाइडलाइन
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सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि पटाखों को लेकर उसने जो अब तक गाइडलाइंस जारी की हैं, वो सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि पूरे देशभर के लिए है. ऐसे में जानते हैं कि पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या गाइडलाइंस जारी की हैं.
Firecrackers Guidelines: इस बार पटाखे फोड़ सकेंगे या नहीं? दिवाली आते ही ये सवाल खड़ा हो जाता है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने से मना कर दिया है. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ कर दिया कि पटाखों को लेकर जो निर्देश पहले जारी किए गए थे, वो सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए थे.
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को साफ कर दिया कि पटाखों को लेकर उसने जो पहले गाइडलाइंस जारी की हैं, वो पूरे देशभर के लिए है और किसी राज्य के लिए अलग से कोई निर्देश जारी करने की जरूरत नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट ने जिस मामले में सुनवाई करते हुए ये बात कही, वो 2015 से लंबित है. ये याचिका उस समय अर्जुन गोपाल, आरव भंडारी और जोया राव भसीन की ओर से दायर की गई थी. उस समय उनकी 6 से 14 महीने के बीच थी. लीगल गार्जियन की ओर से ये याचिका दाखिल हुई थी.
इस याचिका में पटाखों पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की गई थी. इस याचिका का निपटारा अब तक हुआ नहीं है, लेकिन इसपर सुनवाई के दौरान दो बार अदालत ने गाइडलाइंस जारी की थीं.
जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की बेंच इस पर सुनवाई कर रही है. जस्टिस बोपन्ना ने कहा कि आजकल बच्चे नहीं, बल्कि बड़े पटाखे जलाते हैं. वहीं, जस्टिस सुंदरेश ने कहा कि जब पर्यावरण संरक्षण की बात आती है तो ये गलत धारणा बना ली जाती है कि इसका काम केवल अदालत का है.
पटाखों पर क्या है गाइडलाइन?

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