
दिल्ली सरकार के अपने शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए मायने
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अंतरराष्ट्रीय स्तर का दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन बनाने के फैसले को विशेषज्ञों ने सही दिशा में उठाया गया कदम बताया है.
शैली आनंद विद्यार्थी केंद्रित पढ़ाई शिक्षा की रीढ़ है. दुनिया भर में तेजी से होते बदलाव और बढ़ती जटिलताएं रोज नई चुनौतियां पेश कर रही हैं और इसी से जुड़ी मांगें भी शैक्षिक तंत्र से अपेक्षित रहती हैं. विद्यार्थियों में बदलाव और सुधार की जरूरत अब पहले से कहीं ज्यादा महसूस हो रही है ताकि वे वैश्विक वर्कफोर्स का हिस्सा बन सकें. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का राष्ट्रीय राजधानी के लिए अलग स्कूल शिक्षा बोर्ड बनाने के फैसले को बदलती दुनिया के संदर्भ में देखा जाना चाहिए.More Related News













