
दिल्ली में BJP की राह पर कांग्रेस, क्या सच में लगेगा राष्ट्रपति शासन?
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बीजेपी के 7 विधायको की शिकायत राष्ट्रपति ने गृह सचिव को भेजी उसके बाद से आप और बीजेपी के बीच सियासी घमासान शुरू हो गया है. हरियाणा चुनाव में आम आदमी पार्टी से गठबंधन नहीं हुआ तो दिल्ली की कांग्रेस ने आप पार्टी पर हमले तेज कर दिए हैं.
बीजेपी के 7 विधायको की शिकायत राष्ट्रपति ने गृह सचिव को भेजी उसके बाद से आप और बीजेपी के बीच सियासी घमासान शुरू हो गया है. हरियाणा चुनाव में आम आदमी पार्टी से गठबंधन नहीं हुआ तो दिल्ली की कांग्रेस ने आप पार्टी पर हमले तेज कर दिए हैं. दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली की सत्ता कांग्रेस ने 15 साल संभाली थी और तीनों कार्यकाल में भाजपा विपक्ष में रही लेकिन शीला सरकार का तालमेल केंद्र और दिल्ली सरकार से सहयोग वाला रहा और दिल्ली का कोई काम नही रुका. कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी और भाजपा पर अपने स्वार्थ की राजनीति करने का आरोप लगाया.
लेकिन दिल्ली की परिस्थितियां अभी ऐसी हो गई हैं कि भी विपक्ष में बैठी बीजेपी संवैधानिक सरकार पर प्रहार कर रही है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने शीला सरकार के तीन टीम की याद दिलाते हुए कहा की आज तक कांग्रेस सरकार में रहने वाले किसी भी मंत्री या उनके विधायक ने भ्रष्टाचार और सरकारी विभागों में अनियिमितताओं के चलते अपराधिक मामले झेले हों, ऐसा नहीं हुआ. दावा किया कि दिल्ली की जनता तक पहुंचने और जनता की परेशानियों को समझने व उनका हल निकालने में भाजपा और आम आदमी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता की लड़ाई में सड़क पर उतर गई हैं.
आप पार्टी पर कांग्रस ने लगाए ये आरोप आप पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार बचाने के लिए आम आदमी पार्टी सभी मंत्री और विधायकों ने पूरी दिल्ली में मोर्चा संभाला हुआ है और शराब घोटालें के भ्रष्टाचार के आरोपी के रूप में जेल में बंद अरविंद केजरीवाल के बाहर आने की आस करके पोस्टर तक निकाल रहे हैं, जिसपर लिखा है केजरीवाल आऐंगे. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को न्याययिक व्यवस्था में विश्वास रखते हुए यह नही भूलना चाहिए कि कानून अपना काम कर रहा है और मनीष सिसोदिया और संजय सिंह सहित अन्य शराब घोटाले से जुड़े लोग आरोप से बरी नही हुए हैं.
देवेन्द्र यादव ने कहा कि जिस जनता के सम्मुख आप का विधायक आपके द्वार पहुॅच रहा वह जनता आप की सरकार के भ्रष्टाचार के शराब घोटाला, जल बोर्ड घोटाला, डीटीसी घोटाला, स्वास्थ्य घोटाला, बिजली बिलों में घोटाला, शिक्षा घोटाला, क्लास रुम घोटाला, पानी टैंकर घोटाला, गाद निकालने में घोटाला, मौहल्ला क्लीनिक घोटाला, सीवर घोटाला, एमएलए लैड राशि घोटाला, 11 विभागों की केग रिपोर्ट को रोकना, राशन घोटाला, पेंशन घोटाला, मौहल्ला क्लीनिक घोटालों के बारे में भी आप के विधायक से पूछ रही है.
आप से पूछे कई सवाल यादव ने कहा कि भाजपा ने जो 10 सवाल आम आदमी पार्टी से पूछे हैं, उन सवालों को लेकर कांग्रेस लंबे समय से संघर्ष कर रही है, भाजपा कांग्रेस पार्टी के संघर्ष का केवल अनुसरण ही कर रही है. केजरीवाल जेल से कैसे सरकार चला रहे हैं, सरकारी निर्णयों का कार्यान्वन की स्थिति क्या है, छठे वित्त आयोग का गठन न होने से निगम वित्तिय रुप से पंगु बन चुका है, कैग की 11 रिपोर्ट पर पब्लिक एकाउंट कमेटी की अनुशंसा की जानकारी, दिल्ली सरकार के वित्त पोषित दिल्ली विश्वविद्यालय के 12 कॉलेज में अनुदान रोकने पर आर्थिक तंगी, अस्पतालों के ब्लॉक बनने व स्वास्थ्य क्षेत्र में करोड़ो का घोटाला, जहां झुग्गी वही मकान जैसे जनता से जुड़े मुद्दो पर कांग्रेस आम आदमी पार्टी पर हमलावर है.
कांग्रेस का दावा है की पिछले 10 वर्षों के आम आदमी पार्टी से दिल्ली की जनता का विश्वास उठ चुका है, वहीं 15 वर्षों के निगम में लंबे भ्रष्टाचार और पिछले 10 वर्षों से जनता की अनदेखी कर रही भाजपा को 26 वर्षों से दिल्ली की जनता ने सत्ता से दूर रखा है. उन्होंने दिल्लीवालों से अपील की कि वो भाजपा और आम आदमी पार्टी जैसे स्वार्थी दलों को उखाड़ फेंके और कांग्रेस को पुनः एक बार मौका दें.

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