
'दिल्ली में 16 नई लैंडफिल साइट शुरू करने की योजना नहीं', MCD ने मनीष सिसोदिया के दावे का किया खंडन
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दिल्ली में आगामी एमसीडी चुनाव को लेकर राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं. आम आदमी पार्टी इन दिनों कूड़े के पहाड़ों को लेकर बीजेपी पर हमलावर है. मनीष सिसोदिया ने अपील करते हुए कहा है कि दिल्ली के लोगों ने बीजेपी को 17 साल दिए लेकिन बीजेपी ने दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन के बजाए कूड़े के तीन पहाड़ दिए. दिल्ली के लोगों की जिंदगी नर्क बना दी. जनता अब अरविंद केजरीवाल को एक मौका देकर देखे.
Delhi Landfill Sites: दिल्ली नगर निगम ने गुरुवार को डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के दावे का खंडन करते हुए कहा कि एमसीडी की दिल्ली में 16 जगहों पर नई सैनिटरी लैंडफिल साइट बनाने की कोई योजना नहीं है. साथ ही कहा कि निगम भलस्वा, ओखला और गाजीपुर में तीनों मौजूदा लैंडफिल साइटों को समतल करने की कोशिश कर रहा है. निगम को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि कुछ स्थानों पर उसने कूड़े के टीले की ऊंचाई 10-15 मीटर तक कम कर दी है.
एमसीडी ने कहा कि लैंडफिल साइट को समतल करने में निगम कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. इसने लैंडफिल साइटों की ऊंचाई को कम करने के लिए ट्रोमेल मशीनों को लगाया गया है. कचरे को मुफ्त में देने और उद्योग को रिफ्यूज ड्रिवेन फ्यूल (आरडीएफ) की बिक्री से लेकर कचरे को अलग करने और जनता को सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने के लिए प्रोत्साहित करने जैसे उपाए किए.
एमसीडी ने बताया कि दिल्ली की 28 कॉलोनियां जीरो-वेस्ट कॉलोनी साथ ही 30 और कॉलोनियां हरित मित्र बनने वाली हैं. जीरो वेस्ट कॉलोनी बनने के प्रयास में कई और कॉलोनियां जुड़ गई हैं.
नए कूड़े के पहाड़ बनाने वाली है बीजेपी: सिसोदिया
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को आरोप लगाया कि दुनियाभर के शहर कूड़े के प्रबंधन का काम करती है लेकिन दिल्ली की बीजेपीशासित निगम अनूठी है, जो दिल्ली से कूड़ा खत्म करने के बजाए कूड़ा बढ़ाने का काम कर रही है.
निगम से जाते-जाते बीजेपी दिल्ली को ‘कूड़ा नगरी’ में तब्दील करना चाहती है. अपनी खतरनाक साजिश के तहत बीजेपीशासित एमसीडी दिल्ली में 16 नए लैंडफिल साईट बनवाने की तैयारी कर रही है.

दिल्ली के रूप नगर में 33 साल पुराना लोहे का फुट ओवरब्रिज मंगलवार सुबह गिर गया, जिसमें एक महिला की जान चली गई. यह पुल पहले से ही असुरक्षित घोषित था और जुलाई 2025 से बंद था, फिर भी लोग इसका इस्तेमाल कर रहे थे. सिंचाई मंत्री परवेश साहिब सिंह ने हादसे की जांच के लिए 3 सदस्यों की कमेटी बनाई है और 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है. साथ ही दिल्ली के सभी पुराने पुलों की जांच के आदेश दिए गए हैं.












