
'दिल्ली में सीवर डिसिल्टिंग में हुआ करप्शन...', AAP ने लगाया आरोप, थर्ड पार्टी ऑडिट की उठाई मांग
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सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार के डिसिल्टिंग पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या इसमें भ्रष्टाचार हुआ है. उन्होंने कहा कि सरकार पिछले चार महीनों से डिसिल्टिंग का ढोल पीट रही है, लेकिन इसकी कोई ठोस रिपोर्ट नहीं दी गई.
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दिल्ली की भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि AAP एक राष्ट्रीय पार्टी है, लेकिन उसको आवंटित कार्यालय में बुनियादी सुविधाएं, जैसे बिजली कनेक्शन तक नहीं है. उन्होंने दिल्ली में मानसून की बारिश से होने वाली समस्याओं पर सरकार को घेरा.
उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दौरान दिल्ली की सड़कें, चाहे कनॉट प्लेस हो या अन्य इलाके, पानी से लबालब भर जा रही हैं. इसका मुख्य कारण नालों और नालियों की सफाई (डिसिल्टिंग) न होना है, जिसके चलते बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो रहा है. इससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
डिसिल्टिंग पर करोड़ों खर्चने के बाद जलभराव क्यों?
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार के डिसिल्टिंग पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या इसमें भ्रष्टाचार हुआ है. उन्होंने कहा कि सरकार पिछले चार महीनों से डिसिल्टिंग का ढोल पीट रही है, लेकिन इसकी कोई ठोस रिपोर्ट नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) और केंद्र सरकार के मुख्य सचिव नरेश कुमार को पत्र लिखकर आम आदमी पार्टी डिसिल्टिंग के खर्च का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने की मांग की गई है, जैसा कि हाई कोर्ट ने आदेश दिया था. लेकिन बीजेपी सरकार ऑडिट नहीं करा रही.
आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी पत्र लिखे गए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने रक्षाबंधन के दिन बारिश के कारण दिल्लीवासियों को हुई परेशानियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने से बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
डिसिल्टिंग पर खर्च का हो थर्ड पार्टी ऑडिट: AAP

दिल्ली के रूप नगर में 33 साल पुराना लोहे का फुट ओवरब्रिज मंगलवार सुबह गिर गया, जिसमें एक महिला की जान चली गई. यह पुल पहले से ही असुरक्षित घोषित था और जुलाई 2025 से बंद था, फिर भी लोग इसका इस्तेमाल कर रहे थे. सिंचाई मंत्री परवेश साहिब सिंह ने हादसे की जांच के लिए 3 सदस्यों की कमेटी बनाई है और 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है. साथ ही दिल्ली के सभी पुराने पुलों की जांच के आदेश दिए गए हैं.












