
दिल्ली में बढ़ रहे कोरोना केस, कट रहे चालान फिर भी नहीं हो रहा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
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साउथ ईस्ट डीसीपी आरपी मीना के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने जिले के नाईट क्लब, बार, रेस्टोरेंट यहां तक कि 5 स्टार होटल में चलने वाले पब में भी चेकिंग अभियान चलाया हुआ है. इस दौरान नाईट क्लब एम हाउस क्लब, रोर नाईट क्लब, इरोज होटल का चालान काटा गया.
देशभर में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है, बीते चौबीस घंटे में ही 1.03 लाख मामले आए हैं. ये एक दिन में आने वाले आंकड़ों में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है. लेकिन न तो राजनेता और न ही जनता इस महामारी को लेकर गंभीर नजर नहीं आती. देश की राजधानी दिल्ली में भी पिछले 24 घंटे में 4 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं और लोगों की कोरोना के कारण जान चली गई है. फिर भी लोग लापरवाही बरतते नजर आ रहे हैं. दिल्ली में बीते चौबीस घंटे के आंकड़े 4 दिसंबर के बाद एक दिन में आने वाले सबसे बड़े आंकड़े हैं. इससे पहले 4 दिसंबर को 4 हजार 67 केस आए थे. इसके बाद अब राजधानी में कोरोना के कुल मामले बढ़कर 6 लाख 76 हजार 414 हो गए हैं. लेकिन इन सबके बीच लोगों की लापरवाही भी लगातार देखी जा रही है, दिल्ली के दरियागंज सब्जी मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने जैसे जरूरी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ते हुए नजर आईं.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









