
दिल्ली में फर्जी वोटर रजिस्ट्रेशन के आरोप, बीजेपी ने चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की
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दिल्ली बीजेपी ने आगामी चुनावों से पहले अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है, दावा किया कि वोटर पंजीकरण में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ है. भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. भाजपा ने चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग की है और वादों को पूरा न करने पर केजरीवाल की आलोचना की है.
दिल्ली बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) पर गंभीर आरोप लगाते हुए आगामी चुनावों से पहले एक बड़े फर्जीवाड़े की साजिश का आरोप लगाया है. इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर वोटर पंजीकरण के मामलों को उजागर किया. उन्होंने शाहीन बाग में दर्ज एफआईआर का हवाला देते हुए बताया कि इसमें आधार कार्ड और बिजली बिल जैसे दस्तावेजों को छेड़छाड़ करके वोटर पंजीकरण में इस्तेमाल करने के मामले सामने आए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले के तहत एक ही पते पर दर्जनों वोटरों को पंजीकृत किया गया, खासकर मुस्लिम समुदाय के वोटरों को हिंदू-बहुल इलाकों में जोड़ा गया.
यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (धारा 336 और 340) के तहत दर्ज की गई है, जिसमें कई व्यक्तियों और फर्जी दस्तावेजों का उल्लेख किया गया है. सचदेवा ने कहा कि वोटर लिस्ट में अचानक हुई बढ़ोतरी का यह ट्रेंड नया नहीं है. उन्होंने 2015 में 14 लाख और 2019 में 9 लाख नए वोटरों के जुड़ने का उदाहरण देते हुए इसे चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए आप द्वारा जानबूझकर किया गया प्रयास बताया. उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की और सभी वोटर पंजीकरण की फिजिकल जांच कराने की बात कही.
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वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप
सचदेवा ने आप सरकार की नीतियों की भी आलोचना की और केजरीवाल पर पंजाब में महिलाओं को 1000 रुपये की सहायता और दिल्ली में राशन कार्ड और वृद्ध पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाएं देने में विफल रहने का आरोप लगाया. उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे केजरीवाल की “खोखली घोषणाओं” के जाल में न फंसें. उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के सशक्तिकरण और बेहतर शासन के उदाहरण मौजूद हैं.
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