
दिल्ली में नर्सरी में एडमिशन करवाने में इतना पंगा क्यों? किसी का लिस्ट में नाम नहीं आया तो क्या होगा?
AajTak
Delhi Nursery Admission: दिल्ली में नर्सरी एडमिशन को लेकर काफी पंगा रहता है. ऐसे में सवाल है कि आखिर यहां नर्सरी एडमिशन को लेकर इतना इश्यू क्यों रहता है...
जब भी सर्दियां आती हैं तो दिल्ली में रहने वाले उन पैरेंट्स के लिए टेंशन बढ़ जाती है, जिन्हें अपने बच्चों का नर्सरी में एडमिशन करवाना होता है. नेताओं के यहां एडमिशन के सोर्स के लिए भीड़ जुटना शुरू हो जाती है. एडमिशन के लिए स्कूलों में पैरेंट्स में लाइनों में दिखने लगते हैं. पैरेंट्स जैक-चेक, लॉटरी के जरिए हर संभव कोशिश करते हैं कि बच्चे का बस नर्सरी में एडमिशन हो जाए. समस्या इतनी बड़ी है कि इस पर फिल्म भी बन चुकी है.
ऐसे में दिल्ली से बाहर रहने वाले और दिल्ली वासियों के मन में सवाल रहता है कि आखिर वहां ऐसा क्या है कि बच्चों का नर्सरी में एडमिशन नहीं होता है या दिल्ली में इतने कम प्राइवेट स्कूल हैं कि बच्चों का एडमिशन नहीं हो पाता. तो आज समझते हैं कि आखिर दिल्ली में नर्सरी में एडमिशन मुश्किल क्यों हैं, एडमिशन लेने के लिए लोग क्या-क्या जुगाड़ करते हैं. साथ ही ये भी जानते हैं कि जो नर्सरी एडमिशन के प्रोसेस में हिस्सा नहीं लेता है या लिस्ट में नाम नहीं आता है तो उनके बच्चे नर्सरी की पढ़ाई कैसे करते हैं...
दिल्ली में नर्सरी में एडमिशन कैसे होता है?
दरअसल, दिल्ली में नर्सरी क्लास में एडमिशन ठीक वैसे ही होता है, जैसे हर स्कूल में होता है. लेकिन, दिल्ली में कुछ स्कूल ऐसे हैं, जो नामी स्कूल हैं. उन प्रतिष्ठित स्कूलों की लोकप्रियता इतनी ज्यादा है कि पैरेंट्स उन स्कूलों में अपने बच्चों को एडमिशन करवाना चाहते हैं. वैसे दिल्ली में हजारों स्कूल हैं, लेकिन कुछ प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन की डिमांड ज्यादा रहती है. डिमांड इतनी है कि 60 सीटों के लिए 2000 से ज्यादा लोग अप्लाई कर देते हैं. ऐसे में एडमिशन को कुछ पॉइंट्स सिस्टम के जरिए कर दिया गया है ताकि ज्यादा एलिजिबिल बच्चों को एडमिशन मिल सके.
आपको बता दें कि वैसे ये इतना पंगा सिर्फ कुछ चुनिंदा स्कूल के लिए ही है और बाकी स्कूलों में आप आराम से एडमिशन करवा सकते हैं. कुछ प्रतिष्ठित स्कूलों में एडमिशन के चक्कर में लोग 15-15 स्कूलों में अप्लाई करते हैं. फिर स्कूल से घर की दूरी के आधार पर एडमिशन का इंतजार करते हैं. इसमें 25 फीसदी सीटें कुछ वर्ग के लिए आरक्षित होती है, जिससे सीटों की संख्या कम होती है तो एडमिशन की मार और भी ज्यादा बढ़ जाती है.
कहां से आया अंक सिस्टम?

चीनी मार्केट की शक्ल लगभग दो साल बाद बदल गई है. 2024 में BYD ने फॉक्सवैगन को पीछे छोड़ा था और 2025 में भी कंपनी चीनी मार्केट की टॉप कार सेलिंग ब्रांड बनी रही. हालांकि, 2026 की शुरुआत कुछ अलग हुई है. फॉक्सवैगन दोबारा चीनी मार्केट में टॉप सेलिंग ब्रांड बन गया है. कंपनी ने तमाम चीनी ब्रांड्स को पीछे छोड़ दिया है.

Aaj 17 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 17 मार्च 2026, दिन- मंगलवार, चैत्र मास, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी तिथि सुबह 09.23 बजे तक फिर चतुर्दशी तिथि, शतभिषा नक्षत्र, चंद्रमा- कुंभ में, सूर्य- मीन में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.06 बजे से दोपहर 12.54 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 3.30 बजे से शाम 5 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.











