
दिल्ली में डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर रिटायर अफसर से 9 लाख की ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार
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दिल्ली में साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां रिटायर सरकारी अधिकारी को ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ के नाम पर 9 लाख रुपये गंवाने पड़े. पुलिस ने फरीदाबाद निवासी आरोपी सोनू अंसारी को गिरफ्तार किया है. उसने फर्जी किरायानामा बनाकर बैंक खाता खोला और रकम ट्रांसफर करवाई.
दिल्ली पुलिस ने फरीदाबाद से एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी से ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ के नाम पर 9 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है. पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम सोनू अंसारी है, जो फरीदाबाद का निवासी है.
शिकायत में क्या बताया मामला 8 अगस्त का है जब केशवपुरम इलाके के 76 वर्षीय पीड़ित ने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में उन्होंने बताया कि उन्हें वीडियो कॉल पर कुछ लोगों ने संपर्क किया. कॉल करने वालों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और उन पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया. इसके बाद उन्हें धमकी दी गई कि अगर उन्होंने तुरंत 9 लाख रुपये नहीं दिए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
डर और दबाव में आकर पीड़ित ने दो अलग-अलग लेन-देन के जरिए 9 लाख रुपये उस खाते में ट्रांसफर कर दिए जो आरोपियों ने बताया था. पीड़ित सेवानिवृत्त दूरसंचार इंजीनियर हैं.
ऐसे हुई आरोपी की पहचान शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपी की पहचान सोनू अंसारी के रूप में की. हालांकि उसकी सही लोकेशन का पता लगाना शुरू में मुश्किल रहा. लगातार निगरानी और प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने उसे फरीदाबाद से दबोच लिया.
पूछताछ में सोनू अंसारी ने अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि उसने यह खाता प्रतीक दुबे नाम के व्यक्ति के कहने पर खोला था. दुबे ने उसे इसके बदले पैसों का लालच दिया था. पुलिस ने बताया कि पीड़ित से हड़पी गई पूरी रकम पहले इसी खाते में जमा हुई और बाद में अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई.
आरोपी ने यह बैंक खाता एक फर्जी किरायानामा बनाकर खुलवाया था और बैंक रिकॉर्ड में दिए गए पते पर वह वास्तव में रहता भी नहीं था. पुलिस अब प्रतीक दुबे की तलाश कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि सोनू अंसारी अन्य धोखाधड़ी के मामलों में शामिल था या नहीं.

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