
दिल्ली में इस बार भी बिना पटाखों वाली दिवाली, केजरीवाल बोले- इससे लोगों की जिंदगी बचेगी
AajTak
राजधानी दिल्ली में इस बार की दिवाली पर भी पटाखे नहीं चला सकेंगे. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण के चलते इस साल भी पटाखों के स्टोरेज, बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है. दिल्ली में पिछले तीन साल से पटाखों के चलाने पर प्रतिबंध लगा है.
राजधानी दिल्ली में इस बार भी बिना पटाखों वाली दिवाली ही रहेगी. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने पिछले साल की तरह ही इस साल भी पटाखों की बिक्री, भंडारण और चलाने पर रोक लगा दी है. सीएम केजरीवाल ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है. दिल्ली सरकार ने ये फैसला बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए लिया है. पिछले साल व्यापारियों द्वारा पटाखों के भंडारण के पश्चात प्रदूषण की गंभीरता को देखत हुए देर से पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया जिससे व्यापारियों का नुकसान हुआ था। सभी व्यापारियों से अपील है कि इस बार पूर्ण प्रतिबंध को देखते हुए किसी भी तरह का भंडारण न करें।

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









