
दिल्ली के डिप्टी मेयर चुनाव में गौतम गंभीर नहीं डाल सके वोट, जानिए सदन में पहुंचने में क्यों हुई देरी?
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दिल्ली में एमसीडी के डिप्टी मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार आले मोहम्मद इकबाल को जीत मिली. उन्हें चुनाव में 147 वोट मिले हैं. वहीं बीजेपी के उम्मीदवार कमल बागड़ी को 116 वोट मिले. इस चुनाव में कुल 265 वोट पड़े, जिनमें 2 वोट अवैध घोषित कर दिए गए. वहीं बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने वोट डालने से चूक गए.
दिल्ली में एमसीडी मेयर चुनाव में वोट देने पहुंचे बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने डिप्टी मेयर चुनाव में वोट नहीं डाला. दरअसल गौतम गंभीर मेयर पद के लिए वोट डालने के बाद ही सदन से निकल गए थे. इसके बाद वह दोबारा समय पर वोट डालने नहीं पहुंच सके.
हालांकि बीजेपी पार्षदों ने उनके सदन में वापस पहुंचने के लिए थोड़ा वक्त मांगा, लेकिन मेयर ने पहले से ही बहुत देर हो जाने की वजह से इंतजार करने से मना कर दिया था. वहीं सांसद के एक सहयोगी ने बताया कि वह मेयर के चुनाव के लिए मतदान करने के बाद अपने परिवार में एक मेडिकल इमरजेंसी आ जाने के कारण सदन से चले गए थे.
उन्होंने बताया कि गंभीर ने नवनिर्वाचित मेयर को उनके सामने आने वाली स्थिति के बारे में सूचित किया था और डिप्टी मेयर के चुनाव में मतदान के लिए शाम 4:30 बजे तक का समय मांगा था, लेकिन जब वह अस्पताल में अपने रिश्तेदार से मिल कर लौटे, तो वोटिंग का समय खत्म हो गया था.
इसके बाद जब डिप्टी मेयर के चुनाव के बाद स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया में देरी हुई, तो बीजेपी पार्षद शिखा राय ने सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने कहा कि गंभीर को सिर्फ थोड़ी देर होने के कारण वोटिंग के अधिकार से वंचित कर दिया गया लेकिन अब ऐसी जल्दी क्यों नहीं की जा रही.
राय ने नगरपालिका सचिव को बताया कि गंभीर ने अपना वोट डालने के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय मांगा था लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई, जबकि स्थायी समिति के सदस्यों के लिए चुनाव कराने में ऐसा नहीं किया गया.
दिल्ली के सात लोकसभा और तीन राज्यसभा सांसदों के साथ-साथ विधानसभा अध्यक्ष द्वारा नामित 14 विधायकों समेत निर्वाचित प्रतिनिधि, एमसीडी के विचारक विंग के पदाधिकारियों ने चुनाव में मतदान किया.

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