दिल्ली: आर्मी अस्पताल में कई सैनिक ब्लैक फंगस का शिकार, नहीं मिल रहा इंजेक्शन
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अब ब्लैक फंगस के इलाज में सबसे ज्यादा एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की जरूरत पड़ रही है. लेकिन इस समय अस्पतालों के पास इसी इंजेक्शन का स्टॉक नहीं है, ऐसे में इलाज करना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है.
देश में कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस का भी तगड़ा कहर देखने को मिल रहा है. जिस तेजी से ये बीमारी फैलती जा रही और जितने मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं, उसे देखते हुए सरकार भी अब युद्ध स्तर पर तैयारी कर रही है. अब ये ब्लैक फंगस सिर्फ आम इंसानों को अपना शिकार नहीं बना रहा है. बल्कि देश की सेवा में लगे कई जवान भी इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं. दिल्ली के आर्मी अस्पतालों में इस समय कई सैनिकों का इलाज जारी है. आर्मी अस्पताल में ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की कमी
E30 Petrol: ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग 20% से बढ़ाकर 30% तक करने की मांग की है. इसके अलावा डीजल में भी एथेनॉल ब्लेंडिंग की संभावनाओं को तलाशने की बात कही जा रही है. सरकार पहले की कह चुकी है कि, एथेनॉल ब्लेंडिंग के चलते भारत ने करोड़ो बैरल कम तेल आयात किया है.

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