
दिल्ली: आज से मंडोली जेल की 14 नंबर बैरक में रहेगा महाठग सुकेश, पत्नी लीना को भी किया जाएगा शिफ्ट
AajTak
चंद्रशेखर अभी तक तिहाड़ जेल के बैरक नंबर आठ में बंद था. उसे मंडोली जेल के 14 नंबर बैरक में स्थानांतरित किया जाएगा. सुकेश की पत्नी लीना मारिया पॉल तिहाड़ के बैरक नंबर 6 में बंद थी, जिसे मंडोली जेल की 16 नंबर बैरक में स्थानांतरित किया जाएगा. चंद्रशेखर मनी लॉन्ड्रिंग और कई लोगों को ठगने के आरोप में जेल में बंद है.
सुप्रीम कोर्ट से आदेश मिलने के बाद अब आज ठग (कॉनमैन) सुकेश चंद्रशेखर को तिहाड़ जेल से शिफ्ट किया जाएगा. सुकेश के साथ-साथ उसकी पत्नी को भी गुरुवार को दिल्ली के मंडोली जेल भेज दिया जाएगा. दोनों के लिए अलग-अलग परिसर में रखा जाएगा.
जस्टिस एसआर भट और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने मंगलवार को चंद्रशेखर और उनकी पत्नी की याचिका पर सुनवाई की. इस दौरा अदालत ने दोनों को मंडोली जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया. दरअसल, दोनों ने याचिका दायर कर अपनी जान को खतरा होने की बात कही थी.
बता दें कि चंद्रशेखर मनी लॉन्ड्रिंग और कई लोगों को ठगने के आरोप में जेल में बंद है. बुधवार को ही दिल्ली के जेल विभाग ने दोनों को मंडोली जेल स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया.
चंद्रशेखर अभी तक तिहाड़ जेल के बैरक नंबर आठ में बंद था. उसे मंडोली जेल के 14 नंबर बैरक में स्थानांतरित किया जाएगा. सुकेश की पत्नी लीना मारिया पॉल तिहाड़ के बैरक नंबर 6 में बंद थी, जिसे मंडोली जेल की 16 नंबर बैरक में स्थानांतरित किया जाएगा.
तिहाड़ जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर ने दावा किया था कि जेल में उससे 12.5 करोड़ रुपए की उगाही की गई थी. पीठ ने कहा था कि प्राधिकरण ने अपने हलफनामे में दावा किया कि जेल में रहते हुए, चंद्रशेखर कथित रूप से एक अपराध सिंडिकेट चला रहा था और बिना किसी बाधा के मोबाइल फोन का उपयोग करने और अपने सिंडिकेट से लोगों को संदेश भेजने के लिए पर्याप्त सुविधा प्राप्त करने के बदले पैसे दे रहा था.
23 जून को केंद्र ने शीर्ष अदालत को प्रस्ताव दिया था कि अगर चंद्रशेखर और उनकी पत्नी को तिहाड़ जेल से बाहर स्थानांतरित किया जाना है, तो उन्हें मंडोली जेल में रखा जाना चाहिए, जिसकी सुरक्षा अर्धसैनिक बलों के हाथों में हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









