
...तो टैरिफ का अरबों डॉलर हड़प जाएगा ट्रंप प्रशासन! अमेरिकी वित्त मंत्री ने खोल दी सरकार के प्लान की पोल
AajTak
ट्रंप भले ही दुनिया के 180 देशों से मनमाना रेसिप्रोकल टैरिफ वसूल रहे हैं, लेकिन अमेरिका की फेडरल कोर्ट ने इसे अवैध बताया है. अब इस मामले पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. अगर सुप्रीम कोर्ट भी इसे नियमों के विपरित बताता है तो ट्रंप प्रशासन को वसूला गया अरबों डॉलर वापस करना पड़ेगा. लेकिन ट्रंप सरकार का प्लान कुछ और है.
टैरिफ के मुद्दे पर दुनिया की कई दिग्गज अर्थव्यवस्थाओं से पंगा ले रही ट्रंप सरकार को जल्द ही अरबों डॉलर वापस करने पड़ सकते हैं. ये सब अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर करता है. अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट फैसला देता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्यापक आयात शुल्क लगाने में अपने अधिकार का अतिक्रमण किया है तो संयुक्त राज्य अमेरिका को टैरिफ से हुई अरबों डॉलर की कमाई को वापस करने के लिए बाध्य होना पड़ सकता है.
एनबीसी न्यूज पर एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट से सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ मामले के बारे में पूछा गया और पूछा गया कि क्या होगा यदि सर्वोच्च न्यायालय 29 अगस्त के फेडरल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखता है तो क्या होगा? बता दें कि फेडरल कोर्ट ने कहा था कि ट्रंप द्वारा 'रेसिप्रोकल टैरिफ' लगाना राष्ट्रपति के अधिकार का उल्लंघन है.
स्कॉट बेसेन्ट ने कहा, "हमें लगभग आधे टैरिफ पर रिफंड देना होगा, जो राजकोष के लिए भयानक होगा... इसमें कोई 'तैयार रहो' नहीं है. अगर अदालत कहती है, तो हमें यह करना होगा."
इसका मतलब है कि अगर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ट्रंप के टैरिफ लगाने के अधिकार को अवैध भी ठहरा देती है तो भी अमेरिकी सरकार कई देशों का आधा टैरिफ हड़पने के इरादे से तैयार बैठी है.
स्कॉट बेसेन्ट ने टैरिफ वापस करने के प्लान की कोई विस्तृत जानकारी दिए बिना कहा कि टैरिफ लौटाने के बजाय कई अन्य रास्ते हैं जिन्हें अपनाया जा सकता है. हालांकि इससे 'राष्ट्रपति ट्रंप की तोल-मोल की ताकत कमजोर हो जाएगी'.
पिछले महीने एक फेडरल अपील अदालत ने फैसला सुनाया कि अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (आईईईपीए) का उपयोग राष्ट्रपति को आपातकालीन टैरिफ लगाने के लिए अधिकृत नहीं करता है. ट्रंप ने इन्हीं शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाया था.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










