
तीन महीने में शिक्षा पर 700 करोड़ से ज्यादा खर्च करेगी योगी सरकार
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स्कूलों को सौर पैनलों, स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट के साथ ग्रीन स्कूल के रूप में भी विकसित किया जाएगा. इसके अलावा चिल्ड्रेन एंड एडोलसेंड्स लाइब्रेरीज एंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी विभाग को 300 करोड़ का बजट प्राप्त होना है.
योगी सरकार ने आगामी तीन माह में विभिन्न योजनाओं के बजट पर व्यय की कार्ययोजना तैयार कर ली है. इसमें बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर अच्छी-खासी रकम खर्च करेगा. इसके अलावा केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर केंद्रांश मिलने पर सरकार के निर्देश पर बजट व्यय किया जाएगा.
पीएम श्री, डिजिटल लाइब्रेरी, स्किल हब जैसी छात्र हित से जुड़ी योजनाओं पर इन तीन महीनों में सबसे ज्यादा खर्च होगा. ये राशि इन तीनों ही विभागों में पहले से जारी या नई योजनाओं पर खर्च की जाएगी जिनमें कई योजनाएं केंद्र द्वारा प्रायोजित हैं. जिन पर केंद्र सरकार द्वारा बजट की किस्त जारी होने और प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद व्यय किया जाएगा.
बेसिक शिक्षा विभाग ने विभिन्न योजनाओं पर 121 करोड़ रुपए के बजट व्यय की कार्ययोजना बनाई है तो उच्च शिक्षा विभाग ने 20 करोड़ से अधिक राशि के खर्च की कार्ययोजना प्रस्तुत की है. इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 600 करोड़ से ज्यादा के बजट की प्राप्ति के आधार पर व्यय का अनुमान जताया है. बता दें कि अपने दूसरे कार्यकाल में सीएम योगी ने समयसीमा में लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है.
14,500 सरकारी स्कूलों को किया जाएगा अपग्रेड
बेसिक शिक्षा विभाग को पीएम श्री योजना के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार से 510 करोड़ रुपए का बजट मिलेगा जिसमें विभाग शुरुआती तीन माह में 76.10 करोड़ की धनराशि व्यय करेगा. पीएम श्री योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2022 के तहत देश भर के लगभग 14,500 सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने की योजना है. स्कूलों को सौर पैनलों, स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट के साथ ग्रीन स्कूल के रूप में भी विकसित किया जाएगा. इसके अलावा चिल्ड्रेन एंड एडोलसेंड्स लाइब्रेरीज एंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी विभाग को 300 करोड़ का बजट प्राप्त होना है.
दूसरी बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार

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