
तीन किरदार, सात आरोप और CBI जांच... पढ़ें- मोहल्ला क्लीनिक फर्जी टेस्ट मामले की पूरी कहानी
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उपराज्यपाल कार्यालय ने विजिलेंस डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के हवाले से कहा है, 'औचक निरीक्षण में पाया गया कि किसी भी मोहल्ला क्लीनिक में डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे. वे पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो के माध्यम से अपना अटेंडेंस दर्ज कर रहे थे. अनुभवहीन स्टाफ मरीजों को दवा और टेस्ट लिख रहे थे.
दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में नकली दवाओं की आपूर्ति के बाद अब आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक्स में पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी टेस्ट में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. आरोप है कि प्राइवेट लैब्स को लाभ पहुंचाने के लिए आम आदमी मोहल्ला क्लिनिक्स में नकली मरीजों पर लाखों टेस्ट किए गए. इस मामले की सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग ने जांच की और अपनी रिपोर्ट विजिलेंस डिपार्टमेंट को भेज दी. विजिलेंस की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद दिल्ली के मुख्य सचिव ने फाइल उपराज्यपाल के पास भेजी. अब दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की है.
लाखों फर्जी टेस्ट के बदले प्राइवेट लैब्स को भुगतान उपराज्यपाल कार्यालय ने विजिलेंस डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के हवाले से कहा है, 'औचक निरीक्षण में पाया गया कि किसी भी मोहल्ला क्लीनिक में डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे. वे पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो के माध्यम से अपना अटेंडेंस दर्ज कर रहे थे. अनुभवहीन स्टाफ मरीजों को दवा और टेस्ट लिख रहे थे. लाखों फर्जी टेस्ट के बदले प्राइवेट लैब्स को भुगतान किया गया. मरीजों की एंट्री दिखाने के लिए फर्जी और गैर-मौजूद मोबाइल नंबरों का उपयोग किया गया. इसमें कई सौ करोड़ रुपए के घोटाले की आशंका है'. उपरोक्त आरोपों के आधार पर एलजी वीके सक्सेना ने मामले में सीबीआई इंक्वायरी की सिफारिश की है.
बीजेपी का आरोप, दारू के बाद दवा घोटाला उधर, बीजेपी कह रही है कि, दिल्ली में दारू घोटाले के बाद दवा घोटाला भी हो गया है. आरोप दिल्ली सरकार की तरफ से चलाई जाने वाली मोहल्ला क्लीनिक में घोटाले का लगा है. स्वास्थ्य विभाग की जांच में दावा है कि प्राइवेट लैब को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसे मरीजों का टेस्ट दिखाया गया, जो कहीं थे ही नहीं. यानी घोस्ट पेशेंट. अब इसकी सीबीआई जांच का आदेश उपराज्यपाल ने दे दिया है.
घोटाले के तीन किरदार दिल्ली की मोहल्ला क्लीनिक. यानी केजरीवाल सरकार का वो हेल्थ मॉडल जिसका प्रचार आम आदमी पार्टी हर चुनाव में अपने शिक्षा मॉडल की तरह करती है. अब इन्हीं मोहल्ला क्लीनिक में दावा है कि ऐसा घोटाला हुआ,जिसके तरीके को सुनकर पहले दिल्ली सरकार भी चौंकी और अब तो उपराज्यपाल ने CBI जांच के लिए कह दिया है. इस घोटाले के तीन किरदार हैं.पहला- दिल्ली का स्वास्थ्य विभाग दूसरा- मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर-कर्मचारी तीसरा- मोहल्ला क्लीनिक से जुड़ी प्राइवेट लैब दावा है कि ये तीनों मिलकर मरीजों के फर्जी मेडिकल टेस्ट कराते और सरकारी खजाने को लूटते रहे.
सिर्फ 4 घंटे में 500 पेशेंट कैसे देखे, उठ रहे सवाल सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'कई संगठनों ने बताया की आम आदमी पार्टी के मोहल्ला क्लीनिक में एक दिन में 500 पेशेंट देखे गए. समय था 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक यानी 4 घंटे. इतने कम समय में आदमी मंदिर में दर्शन नहीं कर पाता, लेकिन अरविंद केजरीवाल के मोहल्ला क्लीनिक में डॉक्टरों ने 4 ही घंटे में 500 मरीजों की जांच करके, उनको दवाई तक दे दी. आपने सीसीटीवी की बात की थी, उसकी फुटेज दिखाइए कि 533 मरीजों की जांच कहां हुई?'
बीजेपी ने सीएम केजरीवाल पर साधा निशाना बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'अब ये संदेह है की वे मरीज ही नहीं थे, जिनके नाम पर जांच करके बिलिंग करवा दी गई. पहले तो दारू का घोटाला था, अब दवा का घोटाला भी सामने आ रहा है. स्वघोषित भारत रत्न अरविंद केजरीवाल की सरकार दवा और दारू दोनों में घोटाला कर रही है'. उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, 'ये सीबीआई से सवाल कर रहे हैं. बवाली अब सवाली बन गए हैं. उल्टा चोर कोतवाल को डांटे. उसी किरदार को दिखाने का काम कर रहे हैं. ये न्यायिक नहीं नैतिक विषय है. वह जांच में शामिल नहीं हो रहे. केजरीवाल का जांच से डरना दिखाता है की वह अपनी गलती की स्वीकारोक्ति कर रहे हैं'.

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