
तिरुप्परनकुंद्रम मंदिर दीपम विवाद पर एम के स्टालिन ने किया सरकार के रुख का बचाव, जानें क्या बोले?
ABP News
एमके स्टालिन ने कहा, 'मेरा दृढ़ विश्वास है कि व्यक्तिगत आस्था को राजनीति के आगे नहीं झुकना चाहिए. तर्क और आस्था के बीच गतिरोध की आवश्यकता नहीं है, दोनों समाज के दो पहलू हैं.'
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने तिरुप्परनकुंद्रम मंदिर में दीप प्रज्ज्वलन विवाद पर राज्य सरकार के रुख का बचाव करते हुए कहा है कि व्यक्तिगत आस्था को राजनीति के आगे नहीं झुकना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (1 मार्च, 2026) को तिरुप्परनकुंद्रम स्थित अरुलमिगु सुब्रह्मण्य स्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की, जिसके बाद सीएम स्टालिन का यह बयान आया.
मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस जी आर ने परंपरा के हिसाब से मंदिर प्रशासन को दीपथून पर ही दीपक जलाने का आदेश दिया था, न कि
स्टालिन ने एक मार्च को अपने 73वें जन्मदिन पर एक वीडियो में कहा कि उनकी सरकार ने तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर एक पत्थर के स्तंभ पर कार्तिगई दीपम जलाने के विवाद पर अपने रुख का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने मंदिर की परंपरा की रक्षा करने का विकल्प चुना, न कि एक धार्मिक नेता के रूप में.
एमके स्टालिन ने संदेश में कहा, 'मेरा दृढ़ विश्वास है कि व्यक्तिगत आस्था को राजनीति के आगे नहीं झुकना चाहिए. तर्क और आस्था के बीच गतिरोध की आवश्यकता नहीं है, दोनों समाज के दो पहलू हैं.'













