
ताकि जिंदा होकर ना लौट आए... कब्रों को खोदकर बांधे शव के पांव! सामने आया सैकड़ों साल पुराना 'डार्क सीक्रेट'
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खुदाई के बाद पुराने वक्त का सामूहिक कब्रिस्तान मिला. लेकिन ये डरावना मंजर यहीं खत्म नहीं हुआ. बल्कि अभी काफी कुछ खौफनाक दिखना बाकी था.
सड़क बनाने के लिए खुदाई का काम चल रहा था, तभी कंकाल मिलने लगे. जब इन्हें निकालना शुरू किया तो ये संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी. इससे साफ हो गया कि पुराने वक्त का सामूहिक कब्रिस्तान मिला है. लेकिन ये डरावना मंजर यहीं खत्म नहीं हुआ. बल्कि अभी काफी कुछ खौफनाक दिखना बाकी था. जो कंकाल मिले, उनमें से कई में खोपड़ी नहीं थीं. इसके अलावा कई कंकाल अजीबोगरीब मुद्राओं में दिखाई दिए. ये मामला उत्तरी पोलैंड का है. कंकाल के साथ ही भूत पिशाच भगाने वाला सामान भी मिला है.
न्यूयॉर्क पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में पोलैंड के द फर्स्ट न्यूज के हवाले से बताया है कि यहां काशुबियन गांव में एक 18वीं सदी का चर्च भी है. इसकी सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा था. तभी सामूहिक कब्रिस्तान मिला. 450 में से कई शवों को देखने के बाद ऐसा लगता है कि इन्हें जमीन से खोदकर निकाला गया और दोबारा दफना दिया गया. विशेषज्ञों का मानना है कि परिवारों ने अपने प्रियजनों के शवों को अंधविश्वास में आकर खोदकर निकाला, उनका सिर धड़ से अलग किया, ताकि वैंपायर कर्स यानी 'पिशाच के अभिशाप' को खत्म किया जा सके.
मुंह के भीतर सिक्का मिला
किसी कंकाल में खोपड़ी टांगों के बीच रखी मिली है, तो किसी के मुंह के भीतर सिक्का मिला. ऐसा माना जाता है कि ये सब पिशाचों को भगाने के लिए किया जाने वाला अनुष्ठान था, जो 19वीं सदी में काफी आम था.
खुदाई का नेतृत्व करने वाले मासीज स्ट्रोमस्की ने कहा, 'कब्र से मरे हुए लोगों के जिंदा लौटने वाले पुराने विश्वास से जुड़े हमने उदाहरण देखे हैं. जिसे केवल सिर कलम करके ही रोका जा सकता था. तब ऐसा माना जाता था कि अगर अंतिम संस्कार के तुरंत बाद परिवार के किसी सदस्य की मौत हो जाती है, तो वो पिशाच बनेगा. इसी वजह से मृतक को दफनाए जाने के बाद कब्र को खोदकर निकाला जाता और मृतक का सिर धड़ से अलग कर दिया जाता, इसके बाद इसे टांगों के बीच रख दिया जाता.'
कंकालों के पास ईंट मिलीं

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