
ड्रोन ग्रिड में तब्दील हुआ श्रीनगर, Amit Shah के दौरे को लेकर देखें कैसे हैं सुरक्षा इंतजाम
AajTak
जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद कर दी गई है. जगह-जगह अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती है. अतिरिक्त कंपनियां मुस्तैद की गई हैं. शार्प शूटर्स भी अलर्ट पर हैं. डल झील में CRPF जवानों की नॉनस्टॉप गश्त हो रही है. पेट्रोलिंग बाइक, शिकारा बाइक भी तैनात हैं. श्रीनगर में इतनी सुरक्षा व्यवस्था गृहमंत्री के दौरे को लेकर है. लेकिन भविष्य में आतंकियों पर नजर रखने के लिए हाईटेक उपकरणों की तैनाती भी की गई है. ड्रोन ग्रिड लगाए गए हैं, जो तीसरी आंख बनकर आसमान से श्रीनगर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे. पहली बार ड्रोन कैमरों के जरिये सिक्योरिटी कवर को मजबूती देने की शुरुआत हुई है. देखें वीडियो.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









