
ड्रोन गिराया, बंकर संभाले, 250 लोगों को बचाया... LoC के पास ऑपरेशन सिंदुर के दौरान दिखाई वीरता, CISF के 19 जवान सम्मानित
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जम्मू-कश्मीर के उरी में पाकिस्तानी फायरिंग के बीच CISF के 19 जवानों ने लगभग 250 लोगों की जान बचाई. इसी बहादुरी के लिए उन्हें डीजी डिस्क से सम्मानित किया गया.
जम्मू-कश्मीर के एलोसी से सटे उरी इलाके में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान CISF के जवानों ने जो काम किया, वह सच में अद्भुत रहा. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 6–7 मई की रात पाकिस्तान की तरफ से लगातार फायरिंग हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद CISF के 19 जवान लोगों की जान बचाने के लिए पूरे इलाके में दौड़ते रहे.
इन जवानों ने लगभग 250 लोगों को घर-घर जाकर बाहर निकाला, जिनमें महिलाएं, बच्चे, NHPC के कर्मचारी और उनके परिवार भी शामिल थे.
फायरिंग रुकने का नाम नहीं ले रही थी, लेकिन जवानों ने बंकर भी ठीक किए, कम्युनिकेशन सिस्टम संभाला और जरूरतमंद लोगों को तुरंत मदद दी. दुश्मन का एक ड्रोन भी नीचे गिराया और हथियारों को सुरक्षित जगह पर रखा ताकि किसी तरह का नुकसान न हो.
उनकी इस बहादुरी ने सिर्फ लोगों की जान ही नहीं बचाई, बल्कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा भी की.
यह सम्मान इसलिए और खास है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर उसी आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था, जिसमें पहलगाम में 26 लोग मारे गए थे. CISF की ये टीम लगातार खतरे के बीच काम करती रही और जब वक्त आया, तो उन्होंने दिखा दिया कि असली बहादुरी कैसी होती है. इन्हीं कारणों से 19 जवानों को डीजी डिस्क सम्मान दिया गया है.
CISF के बहादुर जवानों को सम्मान

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