
ड्रग ओवरडोज़ या साजिश? एक माह बाद भी नहीं सुलझी सोनाली की डेथ मिस्ट्री
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सोनाली फोगाट की मौत की पहेली को सुलझाने के लिए मामले की जांच गोवा पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपी जा चुकी है. अब सीबीआई इस केस की जांच कर रही है. लेकिन जो सच सभी जानना चाहते हैं, वो सच अभी भी पर्दे में है. हम केस के दो किरदारों के ज़रिए जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर मौत का सच है क्या?
टिक टॉक स्टार और बीजेपी नेता सोनाली फोगाट की मौत को एक महीना हो चुका है. मगर अभी तक उसकी मौत की पहेली सुलझी नहीं है. इस एक महीने में ना तो गोवा पुलिस और ना ही सीबीआई ये साफ कर पाई है कि सोनाली की मौत हुई कैसे? क्या सोनाली की मौत एक हादसा थी? या फिर कोई साजिश? हम इस केस के दो किरदारों के ज़रिए ये जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर सोनाली की मौत का सच है क्या?
सोनाली फोगाट की मौत की पहेली को सुलझाने के लिए मामले की जांच गोवा पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपी जा चुकी है. अब सीबीआई इस केस की जांच कर रही है. लेकिन जो सच सभी जानना चाहते हैं, वो सच अभी भी पर्दे में है. सच ये कि सोनाली की मौत एक हादसा थी या फिर साजिश. इस कहानी में दो अहम किरदार है. जिन्हें जानना और समझना इस केस को समझने के लिए बेहद ज़रूरी है.
इनमें से जो पहला किरदार है, वो ना सिर्फ सोनाली के आखरी पलों का गवाह है बल्कि शक के घेरे में भी सबसे ऊपर है. दूसरा किरदार गोवा पुलिस का वो अफसर है, जिसने इस मामले की शुरुआती जांच की और फिर अपनी रिपोर्ट तैयार की. यानी इन दो किरदारों में से एक सोनाली का दोस्त और पीए सुधीर सांगवान है और दूसरा अंजुना पुलिस थाने के इंस्पेक्टर और इस केस के पहले जांच अधिकारी प्रशल देसाई.
पहला अहम किरदार वारदात के दिन की पूरी कहानी आरोपी सुधीर सांगवान ने खुद अपने हाथों से लिखकर पुलिस को दी थी. सुधीर ने अपने इकबालिया बयान में लिखा "मैं सोनाली फोगाट और हमारा दोस्त सुखविंदर सिंह 22 अगस्त को गोवा में अंजुना, नॉर्थ गोवा के ग्रैंड लियोनी रिसोर्ट में रहने के लिए आए. दोपहर के करीब 2:30 बजे होटल के रूम में चेक-इन किया. शाम करीब 4:30 बजे सोनाली फोगाट ने सुखविंदर सिंह को MDMA ड्रग्स खरीद कर लाने को बोला.
हम तीनों को MDMA ड्रग्स का नशा करने की इच्छा थी. करीब 8:30 बजे सुखविंदर सिंह कमरे में आकर बोला कि 4 ग्राम MDMA ड्रग्स के लिए 12 हजार की जरूरत है. वह होटल ग्रैंड लियोनी के रूम ब्वॉय से MDMA ड्रग मंगवाएगा. मैंने उसको 5 हजार नगद दिए और उसे बोला कि अपनी तरफ से वह 7 हजार देगा. उसके बाद करीब 9 बजे सुखविंदर ड्रग्स लेकर आया. इसके बाद हम तीनों ने नाक से MDMA लिया."
सुधीर ने आगे लिखा "हम तीनों रात करीब 11:30 बजे दो स्कूटर से कर्लीज क्लब के लिए निकले. जो MDMA बच गई थी, उसमें से थोड़ी सी प्लास्टिक की खाली बोतल में डालकर रख ली. बाकी बची हुई MDMA उसने जेब में रख ली थी.हमने कर्लीज क्लब में डांस फ्लोर के नजदीक पहले से टेबल बुक किया हुआ था.

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