
डूम्सडे क्लॉक... जो टाइम नहीं, बताती है कब आएगा प्रलय? जिन दिन 12 पर पहुंची, उस दिन....
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दुनिया विनाश के कितने करीब है, ये समय भी हर साल तय होता है. दुनिया के नामी-गिरामी वैज्ञानिकों का एक समूह हर साल पृथ्वी के विनाश का समय तय करता है. समय निर्धारण के लिए एक घड़ी भी बनाई गई है. इसे डूम्सडे क्लॉक या प्रलय की घड़ी कहा जाता है.
हर साल जनवरी में, बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट्स (BAS), डूम्सडे क्लॉक का नया समय निर्धारित करता है. यह एक प्रतीकात्मक घड़ी है जो मानवता को मानव-निर्मित आपदा के करीब या दूर दिखाती है. पिछले साल, यह घड़ी आधी रात से 90 सेकंड दूर थी, जो इतिहास में अब तक का सबसे खतरनाक समय था. इस साल, स्थिति और गंभीर हो सकती है.
यदि किसी साल के शुरुआत में घड़ी को ऐसे सेट किया जाता है जो आधी रात के करीब आती है, तो इसका मतलब है कि उस वर्ष मानवता विनाश के करीब है. यदि यह पीछे जाती है, तो इसका अर्थ है कि जोखिम कम हुआ है.
डूम्सडे क्लॉक क्या है? डूम्सडे क्लॉक मानव-निर्मित आपदाओं जैसे परमाणु युद्ध, जलवायु परिवर्तन, एआई, और जैविक हथियारों के खतरे को मापने के लिए प्रतीकात्मक पैमाना है. इसे सबसे पहले 1947 में BAS द्वारा समूह की मासिक पत्रिका के मुखपृष्ठ के रूप में बनाया गया था, लेकिन तब से यह मानवता के जोखिम का एक प्रमुख माप बन गया है.
पहले सिर्फ परमाणु युद्ध के जोखिम को दिखाया जाता था जब इसे पहली बार बनाया गया था, तब इसकी सुइयों को आधी रात से सात मिनट पहले सेट किया गया था क्योंकि निर्माता मार्टिल लैंग्सडॉर्फ को लगा कि यह 'मेरी नज़र में अच्छी लगती है'. तब से, जोखिम के बदलते स्तर को दर्शाने के लिए हर जनवरी में घड़ी की सुइयों को अपडेट किया जाता रहा है. सबसे पहले, प्रलय की घड़ी को यह दिखाने के लिए डिज़ाइन किया गया था कि दुनिया परमाणु युद्ध के ज़रिए विनाश के कितने करीब है।
बाद में बदल गई प्रलय की परिभाषा हालांकि, प्रलय की परिभाषा को तब से व्यापक बनाया गया है और इसमें जलवायु परिवर्तन, AI या बच निकले जैविक हथियार जैसी कोई भी मानव निर्मित आपदा शामिल हुई. अगर घड़ी आधी रात के करीब पहुंचती है, तो इसका मतलब है कि मानवता प्रलय के करीब पहुंच गई है.
इस साल घड़ी के समय पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? इस साल भी दुनिया के हालात बेहद चिंताजनक हैं. BAS के विशेषज्ञ और डॉ. हेडन बेलफील्ड का कहना है कि हम पिछले 40 सालों में परमाणु युद्ध के सबसे नजदीक हैं. नया साल आ गया है और जनवरी में ही डूम्सडे क्लॉक की सुईयां सेट होती है. जल्द ही इसी महीने दुनिया के वर्तमान और पिछले साल के हालातों के मद्देनजर वैज्ञानिकों का समूह 2025 के लिए प्रलय की घड़ी का समय सेट करेंगे. तब पता चलेगा कि इस नए साल में हम विनाश के कितने करीब या दूर हैं.

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