
डीपी यादव को बड़ी राहत, महेंद्र भाटी हत्याकांड में HC के फैसले पर SC की मुहर
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सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व विधायक महेंद्र भाटी हत्याकांड में डीपी यादव को बरी करने के उत्तराखंड हाई कोर्ट के फैसले पर अपनी मुहर लगा दी. 13 सितंबर 1992 को गाजियाबाद के पूर्व विधायक महेंद्र भाटी की दादरी रेलवे क्रासिंग पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
30 साल पुराने महेंद्र भाटी हत्याकांड में पूर्व सांसद डीपी यादव को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व विधायक महेंद्र भाटी हत्याकांड में डीपी यादव को बरी करने के उत्तराखंड हाई कोर्ट के फैसले पर अपनी मुहर लगा दी. हाई कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में निचली अदालत के आदेश को निरस्त करते हुए डीपी यादव को बरी किया था.
गौरतलब है कि 13 सितंबर 1992 को गाजियाबाद के पूर्व विधायक महेंद्र भाटी की दादरी रेलवे क्रासिंग पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सीबीआई की चार्जशीट में पूर्व सांसद डीपी यादव को आरोपी बनाया गया था. 15 फरवरी 2015 को सीबीआई कोर्ट ने चार्जशीट के आधार पर सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी.
इसके बाद पूर्व सांसद डीपी यादव ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. 10 नवंबर 2021 को उत्तराखंड हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए डीपी यादव को बरी करार दे दिया. हाई कोर्ट ने कहा था, 'अभियोजन पक्ष अदालत के सामने ऐसा कोई भी ठोस सुबूत नहीं प्रस्तुत कर पाया जिससे डीपी यादव पर लगे आरोप साबित हो सके.'
उत्तराखंड हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी ने उत्तराखंड हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए सीबीआई की अपील खारिज कर दी.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डीपी यादव के समर्थकों में जश्न का माहौल है. फैसला आने के बाद डीपी यादव ने कहा, 'आखिरकार सच की जीत हुई, यह पूरा मामला मेरे राजनैतिक विरोधियों की एक घिनौनी साज़िश थी, जिसका मकसद मुझे पिछड़ों और वंचितों की आवाज़ उठाने से रोकना था.'
पूर्व सांसद डीपी यादव ने कहा, 'फ़िलहाल मेरा पूरा ध्यान हर रोज़ नई चुनौतियों से जूझ रहे नौजवान और किसान के हितों की लड़ाई पर है, जिसके लिए हमारी पार्टी राष्ट्रीय परिवर्तन दल के नेता और कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर बहुत ही तेजी से संगठन विस्तार के काम में जुटे हुए हैं.'

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