
डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रैटेजी)... DGMO राजीव घई को नया जिम्मा जंग की तैयारियों के लिए कितना अहम?
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डीजीएमओ राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक हमलों की रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए और पाकिस्तान के 11 एयरबेस को निशाना बनाया गया. यह सफलता युद्ध की तैयारियों में उनकी विशेषज्ञता को बताने के लिए काफी है.
पाकिस्तान के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर की हर अपडेट देश को मुहैया कराने में डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन यानी DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने अहम भूमिका निभाई थी. वह उन तीन अफसरों में शामिल थे, जो सेना की तरफ से ऑपरेशन की जानकारी देने के लिए हर दिन प्रेस ब्रीफिंग करते थे. अब सरकार ने सोमवार को उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी देते हुए डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रैटेजी) के पद पर नियुक्त किया है.
राजीव घई को अतिरिक्त जिम्मेदारी
इंडियन आर्मी के सैन्य अभियान महानिदेशक राजीव घई ने पाकिस्तान के साथ सीजफायर में भी बड़ी भूमिका निभाई थी और पाकिस्तान के हवाई ठिकानों पर जब भारतीय सेना हमले किए तो पड़ोसी मुल्क ने राजीव घई से ही सीजफायर की गुहार लगाई. रक्षा मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के मुताबिक सेना के उप प्रमुख का पद भारतीय सेना में सबसे अहम नियुक्तियों में से एक माना जाता है. इससे पहले बीती 4 जून को ही लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तम युद्ध सेवा पदक (UYSM) से सम्मानित किया था.
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सैन्य अभियानों के लिहाज से आर्मी में डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रैटेजी) का पद काफी अहम है. अब राजीव घई पर भारतीय सेना के ऑपरेशन एंड इंटेलिजेंस डायरेक्टोरेट और अन्य महत्वपूर्ण शाखाओं की देखरेख की जिम्मेदारी होगी. डिप्टी चीफ (स्ट्रैटेजी) के रूप में राजीव घई सैन्य रणनीतियां बनाने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के बीच कॉर्डिनेशन में केंद्रीय भूमिका अदा करेंगे. इसके अलावा सेना की तीनों शाखाओं थल सेना, नौसेना, वायुसेना और खुफिया एजेंसियों के बीच तालमेल सुनिश्चित करने में उनका अहम रोल रहेगा, जो जंग की हालात में काफी अहम हो जाता है.
ऑपरेशन सिंदूर में निभाया अहम रोल

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