
डाक विभाग की भर्ती के दौरान धोखाधड़ी का मामला, CBI ने ओडिशा में 67 जगहों पर की छापेमारी
AajTak
असल में सीबीआई ने डाक विभाग की एक शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ग्रामीण डाक सेवक परीक्षा, 2023 (ओडिशा सर्कल) के 63 उम्मीदवारों ने जाली या फर्जी 10वीं पास प्रमाण पत्र जमा किए थे.
CBI Action in Odisha: डाक विभाग की भर्ती में धोखाधड़ी के सिलसिले में सीबीआई ने ओडिशा में 67 स्थानों पर छापेमारी कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई ने यह कार्रवाई डाक विभाग की एक साल पुरानी शिकायत पर की है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ग्रामीण डाक सेवक परीक्षा के 63 उम्मीदवारों ने कथित तौर पर फर्जी प्रमाण पत्र जमा किए थे.
सीबीआई के 122 अधिकारियों और अन्य विभागों के 82 कर्मियों सहित 204 से अधिक अधिकारियों ने इन फर्जी प्रमाण पत्रों को उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का पर्दाफाश करने के उद्देश्य से कालाहांडी, नुआपाड़ा, रायगढ़ा, नबरंगपुर, कंधमाल, केंदुझार, मयूरभंज, बालासोर और भद्रक में विभिन्न परिसरों पर छापेमारी की.
सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि ये प्रमाण पत्र कथित तौर पर हाई स्कूल और इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड इलाहाबाद, पश्चिम बंगाल बोर्ड, कोलकाता; झारखंड एकेडमिक काउंसिल, रांची; और अन्य संस्थानों ने जारी किए थे. शिकायत में उम्मीदवारों के साथ मिलीभगत करके इन जाली प्रमाण पत्रों को बनाने और सप्लाई करने में एक अंतरराज्यीय रैकेट की संलिप्तता का पता चला है.
अब यह छापेमारी लगभग एक साल बाद की जा रही है. असल में सीबीआई ने डाक विभाग की एक शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ग्रामीण डाक सेवक परीक्षा, 2023 (ओडिशा सर्कल) के 63 उम्मीदवारों ने जाली या फर्जी 10वीं पास प्रमाण पत्र जमा किए थे.
डाक विभाग ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) के 1,382 पदों के लिए भर्ती कर रहा था, जिसके लिए उसने 27 जनवरी, 2023 को ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे. जिसमें न्यूनतम योग्यता किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना और स्थानीय भाषा में दक्षता अनिवार्य थी.
CBI के प्रवक्ता ने कहा कि उम्मीदवारों को एक केंद्रीकृत सर्वर पर अपने प्रमाण पत्र और मार्कशीट ऑनलाइन जमा करने थे. सीबीआई प्रवक्ता के मुताबिक, चयन 10वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर स्वचालित रूप से किया गया था.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










