
ठाणे में महाराष्ट्र का पहला क्रिप्टोकरेंसी इन्वेस्टिगेशन सेल शुरू.... क्राइम केस की ट्रैकिंग होगी आसान
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ठाणे पुलिस ने महाराष्ट्र में पहली बार क्रिप्टोकरेंसी इन्वेस्टिगेशन सेल शुरू की है. यह स्पेशल सेल साइबर क्राइम में क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर किए जाने वाले गबन और धोखाधड़ी के मामलों की जांच को और मजबूती से करेगी. पुलिस का मकसद ठगी की रकम को ट्रैक करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है.
ठाणे में पुलिस ने राज्य में पहली बार स्पेशल क्रिप्टोकरेंसी इन्वेस्टिगेशन सेल की शुरुआत की है. अधिकारियों ने कहा कि यह सेल ठाणे साइबर पुलिस ऑफिस में लॉन्च किया गया. इस यूनिट का मुख्य उद्देश्य उन मामलों की जांच करना है, जिनमें अपराधी क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर अवैध लेन-देन, गबन और धोखाधड़ी करते हैं.
एजेंसी के अनुसार, पुलिस ने बताया कि साइबर मामलों की जांच के दौरान यह सामने आया है कि अपराधी धन को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ट्रांसफर कर रहे हैं. ऐसे मामलों में न सिर्फ पैसों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है, बल्कि जब्त करने की प्रक्रिया भी जटिल हो जाती है.
अधिकारियों का कहना है कि हर थाने में पहले से साइबर सेल मौजूद हैं, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मामलों की जांच के लिए विशेषज्ञता की आवश्यकता थी. इसी कमी को पूरा करने के लिए ठाणे पुलिस ने यह कदम उठाया है. यह सेल न केवल तकनीकी विशेषज्ञता के साथ मामलों की जांच करेगी, बल्कि अधिकारियों को क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन तकनीक की गहराई से समझ भी देगी.
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ठाणे पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम की जांच के दौरान सामने आया कि अपराधी अपराध से कमाए गए धन को क्रिप्टोकरेंसी में बदल रहे हैं. इस कारण धन का पता लगाना और उसे जब्त करना कठिन हो गया है. नई यूनिट इस चुनौती से निपटने में भूमिका निभाएगी.
क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है. जहां यह टेक्नोलॉजी निवेश और व्यापार के नए अवसर लेकर आई है, वहीं अपराधी भी इसका उपयोग कर रहे हैं. ऑनलाइन धोखाधड़ी, रैनसमवेयर हमले और हवाला जैसे मामलों में क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल लगातार सामने आ रहा है. ठाणे पुलिस का मानना है कि इस तरह का विशेष सेल अपराधियों पर नकेल कसने में मदद करेगा.

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