
ट्रंप सिर्फ ईरान के फोर्डो को तबाह करना चाहते थे, नेतन्याहू ने US प्रेसिडेंट को तीनों न्यूक्लियर साइट को खत्म करने के लिए कैसे राजी किया?
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप सिर्फ ईरान के फोर्डो न्यूक्लियर प्लांट पर हमला करना चाहते थे. लेकिन इजरायल कि थ्योरी 'FINISH THE JOB' की की थी. यानी कि ईरान के न्यूक्लियर फाउंडेशन को ही खत्म कर दिया जाए. इसके लिए नेतन्याहू ने ट्रंप समेत अमेरिकी प्रशासन को पूरे एक सप्ताह तक समझाया. ये वही समय था जब ट्रंप अपना फैसला लेने के लिए 2 हफ्ते का समय लेने की बात मीडिया के सामने कह रहे थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सिर्फ ईरान के फोर्डो न्यूक्लियर साइट का विनाश चाहते थे. फोर्डो, जो अब तक ईरान का सबसे गुप्त और सबसे न्यूक्लियर साइट माना जाता था को अमेरिकी B-2 बॉम्बर बमों से तहस-नहस कर दिया. लेकिन ट्रंप, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ईरान के सामरिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर ने पूरे एक सप्ताह तक ट्रंप को समझाया, उनके साथ तर्क वितर्क और बहस की कि अमेरिका न सिर्फ फोर्डो का बल्कि नतांज और इस्फहान न्यूक्लियर साइट को पूर्ण रूप से खत्म कर दे.
याद रखें कि इस बीच ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी दो सप्ताह में तय करेगा कि वो इजरायल-ईरान जंग में उतरे या नहीं. दरअसल ये वो समय था जब नेतन्याहू ट्रंप को राजी करने में जुटे हुए थे.
इस मुद्दे पर इजरायल की वेबसाइट द यरुशलम पोस्ट ने विस्तृत रिपोर्ट जारी की है.
गौरतलब है कि 13 जून को शुरू हुए इजरायल के इस हमले में दोनों ओर से मरने वालों की संख्या 1000 के आस-पास पहुंच गई है. न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार इस हमले में अबतक 950 ईरानियों की मौत हो चुकी है. और 3450 लोग जख्मी हैं.
यरुशलम पोस्ट को एक इजरायली अधिकारी ने बताया कि "चार दिन पहले नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसके दौरान ट्रम्प ने कहा था,'मैंने हमला करने का फैसला किया है.'
इजरायली कामयाबी से प्रभावित हुए ट्रंप

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