
टॉयलेट तक में रूसी जासूस नहीं छोड़ते सुराग, क्या है पुतिन के 'पू ब्रीफकेस' का राज?
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व्लादिमीर पुतिन के बॉडीगार्ड उनके विदेश दौरे के समय उनका मल-मूत्र स्पेशल सीलबंद पाउच में इकट्ठा करते हैं और इसे रूस वापस ले आते हैं. दो खोजी पत्रकारों ने दावा किया है कि पुतिन का वेस्ट इकट्ठा करने का सिस्टम वर्षों से चल रहा है, जैसा कि मई 2017 में पुतिन की फ्रांस यात्रा के दौरान भी हुआ था.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की विदेश यात्राओं के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए बड़े ताम-झाम होते हैं. इस ताम-झाम में वो स्पेशल ब्रीफकेस भी शामिल है, जिसकी चर्चा कम होती है. ये ब्रीफकेस है पुतिन का पू ब्रीफकेस (Poo briefcase). अजीब से लगने वाला ये राज विश्व की दमदार शख्सियतों के सुरक्षा प्रोटोकॉल का एक अहम हिस्सा है. जहां सिक्योरिटी एजेंट राष्ट्राध्यक्षों के मल मूत्र को जमाकर इसे वापस अपने देश ले जाते हैं.
इसका मकसद राष्ट्राध्यक्षों के स्वास्थ्य संबंधी सूचनाओं को उनके प्रतिद्वंद्वियों या विदेशी एजेंसियों तक पहुंचने से रोकना होता है. सुरक्षा एजेंसियों का ये कदम राष्ट्राध्यक्षों के सेहत से जुड़े राज को छिपाये रखता है. बता दें कि कई ऐसी बीमारियां हैं, शारीरिक लक्षण हैं जिनका पता मल अथवा मूत्र से लगाया जा सकता है. राष्ट्राध्यक्षों की विदेश यात्राओं में जरा सी असावधानी उनके सेहत से जुड़े कई राज खोल सकती है. इसलिए इन्हें हर कीमत पर छिपाया जाता है.
अमेरिकी वेबसाइट द एक्सप्रेस डॉट कॉम ने पुतिन अलास्का यात्रा से पहले एक रिपोर्ट प्रकाशित की है. इस रिपोर्ट में पुतिन के पू ब्रीफकेस का विस्तार से जिक्र है. वेबसाइट दावा करता है कि व्लादिमीर पुतिन के बॉडीगार्ड उनके विदेश दौरे के समय उनका मल-मूत्र स्पेशल सीलबंद पाउच में इकट्ठा करते हैं और इसे रूस वापस ले आते हैं.
फ्रांसीसी प्रकाशन पेरिस मैच में दो अनुभवी खोजी पत्रकारों की रिपोर्ट के अनुसार रूसी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए बनी स्पेशल फोर्स फेडरेल प्रोटेक्शन सर्विस (FPS) के सदस्य विदेश यात्रा के दौरान उनके मल सहित मानव अपशिष्ट को इकट्ठा करने के लिए जिम्मेदार होते हैं.
इस वेस्ट को विशेष पाउच में इकट्ठा किया जाएगा, जिन्हें फिर एक डेडिकेटेड ब्रीफ़केस में रखा जाता है.
इस रिपोर्ट को लिखने वाले रेजिस गेंटे एक लेखक हैं जिन्होंने रूस पर दो किताबें लिखी हैं, जबकि मिखाइल रुबिन दस साल से ज़्यादा समय से रूस पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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