
'टेस्ट से जल्दी चले गए, गलतियां नहीं सुधारीं...', विराट कोहली को लेकर संजय मांजरेकर की तीखी टिप्पणी
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विराट कोहली टेस्ट के अलावा टी20 इंटरनेशनल को भी अलविदा कह चुके हैं, ऐसे में वो केवल वनडे फॉर्मट में भारतीय टीम के लिए खेलते हैं. कोहली 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करेंगे.
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने पिछले साल मई में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. अब कोहली के टेस्ट रिटायरमेंट पर पूर्व भारतीय बल्लेबाज और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने निराशा और दुख जताया है. उनका मानना है कि कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को बहुत जल्दी अलविदा कह दिया और उन्हें ज्यादा संघर्ष करना चाहिए था.
संजय मांजरेकर ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में कहा कि जिस समय जो रूट टेस्ट क्रिकेट में नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, उसी दौर में विराट कोहली का टेस्ट से चले जाना औक ज्यादा खलता है. मांजरेकर ने कहा कि कोहली के समकालीन खिलाड़ी रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन अपने टेस्ट करियर को और मजबूत कर रहे हैं.
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संजय मांजरेकर के मुताबिक, विराट कोहली ने संन्यास से पहले के पांच सालों में लगातार खराब प्रदर्शन किया, लेकिन उन्होंने अपनी तकनीकी और मानसिक कमियों को पूरी तरह सुधारने की कोशिश नहीं की. मांजरेकर ने कहा कि कोहली अगर चाहते तो अपनी तकनीक और मानसिक तैयारी पर काम कर सकते थे और कुछ समय के लिए टीम से बाहर बैठना भी स्वीकार कर सकते थे. मांजरेकर ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात से ज्यादा निराशा हुई कि कोहली ने टेस्ट क्रिकेट छोड़कर वनडे खेलना जारी रखा.
संजय मांजरेकर कहते हैं, 'टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज के लिए वनडे सबसे आसान फॉर्मेट है. असली परीक्षा टेस्ट क्रिकेट लेता है, जहां धैर्य, तकनीक और मानसिक मजबूती चाहिए, टी20 की अपनी अलग चुनौतियां हैं, लेकिन टेस्ट सबसे कठिन है, अगर कोहली तीनों फॉर्मेट से संन्यास लेते, तो बात समझ में आती. लेकिन टेस्ट छोड़कर ODI खेलना उन्हें सही नहीं लगा.' मांजरेकर ने यह भी कहा कि कोहली शानदार फिटनेस में हैं, इसलिए वो कुछ और साल टेस्ट क्रिकेट में फॉर्म पाने की लड़ाई लड़ सकते थे.'
साल 2020 से लेकर 2025 तक विराट कोहली का टेस्ट प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा. इस दौरान उन्होंने 39 मैचों में 30.72 की औसत से 2028 रन बनाए, जिसमें 3 और 9 अर्धशतक शामिल रहे. ऑफ स्टम्प के बाहर की गेंदें उनकी सबसे बड़ी कमजोरी बनी रही और ऑस्ट्रलियाई तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने उन्हें पांच बार आउट किया. अपनी आखिरी ऑस्ट्रेलिया सीरीज में कोहली ने 9 पारियों में सिर्फ 190 रन बनाए, जिसमें एक शतक शामिल रहा.

टेस्ट क्रिकेट में मौजूदा दौर के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज की बहस को भावनाओं से हटाकर आंकड़ों की कसौटी पर परखा गया. इसके लिए पिछले 2 साल में खेले गए सभी टेस्ट मैचों को आधार बनाया गया. इस अवधि में जो रूट ने रनों की निरंतरता और उन्हें बड़े स्कोर में बदलने की क्षमता- दोनों में बाकी बल्लेबाजों से साफ बढ़त बनाई.












