
टेस्टिंग के बिना कैसे पता चलेगा पॉजिटिव-निगेटिव? कांग्रेस ने योगी सरकार पर लगाया झूठ बोलने का आरोप
AajTak
अजय कुमार लल्लू ने कहा कि टेस्टिंग सेंटर पर जाइए तो कई जगहों पर टेस्टिंग ही नहीं होती है. ऐसे में सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़े झूठे हैं. गांव कस्बों की तरफ अगर टेस्टिंग की बात करें तो सरकार की कार्य योजना, केवल झूठे बयानों तक ही सीमित हैं.
महानगरों में तबाही मचाने के बाद कोरोना अब गांवों की तरफ बढ़ गया है. आंकड़े भी इस बात के गवाह हैं. उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने इसी मुद्दे को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है. अजय कुमार लल्लू ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कोरोना केस छिपाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड टेस्टिंग कम किए जा रहे हैं और दावा किया जा रहा है कि पॉजिटिविटी के आंकड़े कम हो गए हैं. जब टेस्टिंग ही नहीं हो रही है तो आखिर पता कैसे चलेगा कि कौन पॉजिटिव है और कौन नहीं. अजय कुमार लल्लू ने कहा कि टेस्टिंग सेंटर पर जाइए तो कई जगहों पर टेस्टिंग ही नहीं होती है. ऐसे में सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़े झूठे हैं. गांव कस्बों की तरफ अगर टेस्टिंग की बात करें तो सरकार की कार्य योजना, केवल झूठे बयानों तक ही सीमित हैं.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









