
'जितना LG साहेब मुझे डांटते हैं, उतना तो मेरी पत्नी भी नहीं...,' केजरीवाल का वीके सक्सेना पर तंज
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलजी वीके सक्सेना को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा है कि आजकल एलजी उन्हें इतना डांटने लगे हैं जितना उनकी पत्नी भी उन्हें नहीं डांटती. उनकी तरफ से लगातार लव लेटर लिखे जा रहे हैं.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और एलजी वीके सक्सेना के बीच में तकरार कम होने का नाम नहीं ले रही है. मुद्दे अलग रहते हैं लेकिन दोनों समय-समय पर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के तीर छोड़ते रहते हैं. अब अरविंद केजरीवाल ने एलजी वीके सक्सेना पर बड़ा तंज कसा है. कह दिया है कि वे उन्हें काफी डांटते हैं, उन्हें थोड़ा चिल करना चाहिए.
एलजी पर केजरीवाल का तंज
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा है कि LG साहिब रोज़ मुझे जितना डाँटते हैं, उतना तो मेरी पत्नी भी मुझे नहीं डाँटतीं. पिछले छः महीनों में LG साहिब ने मुझे जितने लव लेटर लिखे हैं, उतने पूरी ज़िंदगी में मेरी पत्नी ने मुझे नहीं लिखे. LG साहिब, थोड़ा chill करो. और अपने सुपर बॉस को भी बोलो, थोड़ा chill करें. अब यहां पर केजरीवाल ने बिना नाम लिए एलजी वीके सक्सेना के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा है. वे लगातार आरोप लगा रहे हैं कि पीएम मोदी के इशारों पर ही एलजी वीके सक्सेना काम कर रहे हैं और आप सरकार के काम में अड़चने ला रहे हैं.
केजरीवाल के इस ट्वीट पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है. मनोज तिवारी ने इस छिछोरेपन वाली भाषा बता दिया है. वे लिखते हैं कि ये छिछोरेपन की भाषा बताती है कि आपका मानसिक स्तर क्या है. 7 साल में एक भी विभाग ना सम्भाला, एक भी फाइल साइन ना कि, आज तक आप ने, आप की रुचि सिर्फ़ लूट और झूठ में है जो अब इस निम्न स्तर पर आ गया है.
एलजी की चिट्ठी पर चिट्ठी, नाराज केजरीवाल
जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिन पहले ही एलजी वीके सक्सेना की तरफ से सीएम केजरीवाल को एक चिट्ठी लिखी गई थी. उस चिट्ठी में इस बात पर नाराजगी जाहिर की गई थी कि केजरीवाल या फिर उनकी सरकार का कोई भी मंत्री गांधी जयंती के मौके पर राजघाट या विजय चौक नहीं गया. एलजी ने इसे प्रोटोकॉल तोड़ना तक कहा था. चिट्ठी में लिखा था कि गांधी जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री या फिर दिल्ली सरकार का कोई भी मंत्री राजघाट नहीं पहुंचा. न ही लाल बहादुर शास्त्री की समाधि पर सीएम केजरीवाल या कोई मंत्री नहीं आया. इस तरीके के कार्यक्रमों का आयोजन दिल्ली सरकार की तरफ से किया जाता है और जो निमंत्रण पत्र जाता है, वह दिल्ली के मुख्यमंत्री के नाम से जाता है.

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