
जाट, बिहार या साउथ... एक पद, कई जरूरतें... उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए बीजेपी कैसे बनाएगी संतुलन?
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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उपराष्ट्रपति के चुनाव की सियासी बिसात बिछ गई है. जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफा दिए जाने के बाद बीजेपी के सामने जाट समुदाय से लेकर बिहार चुनाव और दक्षिण के साथ सियासी संतुलन साधने की चुनौती खड़ी हो गई है.
देश के अगले उपराष्ट्रपति के लिए सियासी ताना-बाना बुना जाने लगा है. जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफा दिए जाने के बाद बीजेपी ने उपराष्ट्रपति के लिए ऐसे चेहरे की तलाश शुरू कर दी है, जिसके जरिए एनडीए के घटक दलों की सहमति बनाने के साथ-साथ सारे सियासी समीकरण को साधने की चुनौती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मंगलवार को उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार का चयन करेंगे.
उपराष्ट्रपति का चुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब बिहार विधानसभा चुनाव सिर पर है तो जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के चलते जाट समीकरण के बिखरने का खतरा बन गया है. इसके अलावा उत्तर और दक्षिण का सियासी संतुलन बनाने का पहले से ही चैलेंज है. इस तरह से देखना होगा कि बीजेपी कैसे जातिगत, क्षेत्रीय और नैरेटिव के समीकरण को साधेगी?
बीजेपी ने उपराष्ट्रपति उम्मीदवार का फैसला करने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर जेपी नड्डा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शिरकत करेंगे. पिछले दिनों एनडीए नेताओं की बैठक में उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के चयन की जिम्मेदारी पीएम मोदी और जेपी नड्डा के पाले में डाल दी गई है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी ने संभावित उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट कर लिया है, जिसका ऐलान पीएम मोदी और जेपी नड्डा करेंगे.
बीजेपी कैसे बनाएगी सियासी संतुलन
उपराष्ट्रपति चुनाव के जरिए बीजेपी कैसे सियासी संतुलन बनाएगी? बीजेपी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए संघ के साथ सहमति नहीं बना पा रही है, उपराष्ट्रपति के चुनाव ने उसके सामने एक और चुनौती खड़ी कर दी है. हालांकि, आरएसएस सरकार के कामकाज में ज्यादा दखलअंदाजी नहीं करना चाहता, लेकिन उसका मानना है कि सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग पार्टी और उसकी विचारधारा के प्रति समर्पित हों. ऐसे में बीजेपी को इस मुद्दे पर अपने सहयोगी दलों को साधना होगा.
एनडीए की पिछले गुरुवार को हुई बैठक में पीएम मोदी और जेपी नड्डा को उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के चयन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. जगदीप धनखड़ के बाद बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व उपराष्ट्रपति पद पर ऐसे व्यक्ति को बैठाना चाह रहा है, जो वैचारिक रूप से संघ और बीजेपी के प्रति समर्पित हो. ऐसे चेहरे की तलाश बीजेपी को करनी है.

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