
जम्मू-कश्मीर: PM मोदी की सर्वदलीय बैठक आज, धारा 370 हटने के बाद पहली बार इतना बड़ा जमावड़ा
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साल 2019 में पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 के प्रावधानों में बदलाव के बाद यह पहली बार है जब जम्मू कश्मीर के संबंध में इतना बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम हो रहा है.
जम्मू कश्मीर की स्थिति और केंद्र शासित प्रदेश के भविष्य को लेकर पीएम मोदी आज राजधानी दिल्ली में सर्वदलीय बैठक करेंगे.केंद्र सरकार की तरफ से जम्मू कश्मीर की अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के 14 नेताओं को इस बैठक के लिए बुलावा भेजा गया है. बुलाए गए नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व उप मुख्यमंत्री और जम्मू कश्मीर के प्रमुख राजनीतिक दलों के बड़े नेता शामिल हैं. इस मीटिंग में अमित शाह, राजनाथ सिंह, जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहेंगे. संभावना है कि अजीत डोभाल भी मीटिंग मेें मौजूद रह सकते हैं. इसके अलावा होम सेक्रेटरी और पीएमओ के कुछ अधिकारी भी मीटिंग का हिस्सा रहेंगे.
'सब देखते रहे, वो गोली चलाता रहा…' वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज हत्याकांड की चश्मदीद छात्रा शिवांगी सिंह का बयान सामने आया है. उसने बताया कि बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह को बचाने की कोशिश हुई, लेकिन हमलावर दोबारा लौटकर गोली मार गया. घटना के बाद कॉलेज सुरक्षा, प्रशासन की भूमिका और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिससे छात्रों में डर और आक्रोश का माहौल है.

E30 Petrol: ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग 20% से बढ़ाकर 30% तक करने की मांग की है. इसके अलावा डीजल में भी एथेनॉल ब्लेंडिंग की संभावनाओं को तलाशने की बात कही जा रही है. सरकार पहले की कह चुकी है कि, एथेनॉल ब्लेंडिंग के चलते भारत ने करोड़ो बैरल कम तेल आयात किया है.

वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चतुरंगिणी सेना सभा का गठन कर 27 सदस्यों की टीम बनाई और ‘रोको, टोको, ठोको’ का नारा दिया. माघ मेले की घटना के बाद शुरू हुई पहल में 10 महीने में भर्ती व प्रशिक्षण का खाका तैयार होगा. उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य सनातन प्रतीकों की रक्षा और समाज में सुरक्षा का भाव मजबूत करना है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को 5 दिन तक टाल दिया है. इसके साथ ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत पर के नतीजे पर आगे का फैसला होगा. वहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया के बाजारों में जबरदस्त उछाल आया है और कच्चे तेल की कीमतों में 11% की गिरावट आई है.









