
जम्मू कश्मीर: नौशेरा में जख्मी पाकिस्तानी आतंकी को सेना के जवानों ने तीन बोतल खून देकर बचाई जान
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नौशेरा सेक्टर में घुसपैठ करते समय घायल हुए आतंकी की जान बचाने के लिए भारतीय सेना के जवानों ने अपना खून दिया. आतंकी का नाम तबरक हुसैन है, जिसे रविवार को पकड़ा गया था. सेना ने बताया कि उसकी हालत नाजुक थी. ऐसे में उसकी जान बचाने के लिए भारतीय सेना के जवानों ने तीन बोतल खून दिया था.
भारतीय सेना ने एक जबरदस्त मिसाल पेश की है. गोली लगने से एक पाकिस्तानी आतंकी बुरी तरह घायल हो गया था. उसकी जान बचना लगभग नामुमकीन थी. ऐसे में भारतीय सेना के जवानों ने अपना खून देकर उसकी जान बचाई. सेना ने बताया कि जवानों ने तीन बोतल खून दिया था, तब जाकर आतंकी की जान बच सकी.
दरअसल, जम्मू के राजौरी में नौशेरा सेक्टर में LOC पार कर कुछ आतंकी घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे. तभी भारतीय सेना को देखकर भागने लगे. आतंकियों को पकड़ने के लिए सेना ने गोली चलाई. इसमें एक आतंकी घायल हो गया और उसे पकड़ लिया गया.
पकड़े गए आतंकी का नाम तबरक हुसैन है, जो पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के कोटली में सब्जकोट गांव का रहने वाला है. आतंकी को रविवार को नौशेरा सेक्टर से पकड़ा था. हुसैन भारत में फिदायीन हमला करने के लिए आया था. अगर उसे पकड़ा नहीं गया होता, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी.
ब्रिगेडियर राजीव नायर ने बताया कि उसकी जांघ और कंधे पर दो गोलियां लगी थीं. उसकी हालत बहुत नाजुक हो गई थी. इसके बाद जवानों ने तीन बोतल खून दिया और उसका ऑपरेशन किया गया. उन्होंने बताया कि आतंकी हुसैन अभी आईसीयू में है और उसकी हालत स्थिर है. उसे पूरी तरह ठीक होने में कुछ हफ्ते लगेंगे.
ब्रिगेडियर नायर ने बताया कि हमने उसके बारे में कभी ये नहीं सोचा कि वो एक आतंकी है. हम सभी को मरीज की तरह ट्रीट करते हैं और उनकी जान बचाते हैं. ये भारतीय सेना की महानता है कि उन्होंने अपना खून दिया और उसकी जान बचाई. उन्होंने बताया कि आतंकी का ब्लड ग्रुप O निगेटिव था, जो बहुत रेयर होता है.
भारतीय सेना के अधिकारियों ने बताया कि जब उसे पकड़ा गया था, तब वो चिल्ला रहा था, 'मैं मरने के लिए आया था, मुझे धोखा दे दिया. भाईजान मुझे यहां से निकालो.'

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