
जम्मू-कश्मीर के सरकारी दफ्तरों में 15 दिन के अंदर तिरंगा फहराने का फरमान
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अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने के बाद अब जम्मू-कश्मीर में केवल भारत का तिरंगा झंडा फहराया जाता है. इससे पहले जम्मू-कश्मीर राज्य के संविधान की आर्टिकल 144 के तहत लाल रंग का एक अलग झंडा स्वीकार किया गया था.
जम्मू-कश्मीर में एलजी ने यहां के सभी सरकारी दफ्तरों में तिरंगा फहराने के निर्देश दिए हैं. जिसके बाद संभागीय आयुक्त कार्यालय जम्मू ने सभी उपायुक्तों और विभागाध्यक्षों को अगले पंद्रह दिनों के अंदर सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के संबंध में लेफ्टिनेंट गवर्नर निर्देशों को लागू करने के लिए कहा है. संभागीय आयुक्त, जम्मू द्वारा मिली एक जानकारी के अनुसार, जम्मू संभाग के विभिन्न विभागों के उपायुक्तों/मंडल प्रमुखों से कहा गया है कि वे भारतीय ध्वज संहिता के प्रावधानों के अनुसार उपराज्यपाल, जम्मू-कश्मीर के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें. बता दें कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हाल ही में संभागीय आयुक्तों, जिला मजिस्ट्रेटों, एसपी के साथ बैठक की. इस बैठक के दौरान, उन्होंने जम्मू और कश्मीर के सभी 20 जिलों के डीसी, एसपी को सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

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