
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सेना का एनकाउंटर, दो से तीन आतंकियों को घेरा
AajTak
सेना को ऐसे इनपुट मिले थे कि कुलगाम के हदिगाम इलाके में आतंकी छिपे हुए हैं. उसी इनपुट के आधार पर सेना की एक टुकड़ी वहां पहुंची और आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी
जम्मू कश्मीर के कुलगाम में सेना का आतंकियों के साथ एनकाउंटर शुरू हो गया है. खबर है कि मौके पर दो से तीन आतंकियों को घेर लिया गया है और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. सेना को ऐसे इनपुट मिले थे कि कुलगाम के हदिगाम इलाके में आतंकी छिपे हुए हैं. उसी इनपुट के आधार पर सेना की एक टुकड़ी वहां पहुंची और आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी.
अभी के लिए दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग जारी है. सेना की कोशिश है कि उन आतंकियों को भागने ना दिया जाए. इसी वजह से पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया गया है. आतंकी कौन से संगठन के हैं, ये अभी तक स्पष्ट नहीं, लेकिन सेना का प्रयास है कि इन्हें जिंदा ही पकड़ लिया जाए जिससे इनसे और भी राज पता लगाए जा सकें.
पिछले महीने 29 जून को ही सुरक्षाबलों ने कुलगाम में दो आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था. उस समय आतंकियों के साथ सेना का एनकाउंटर अमरनाथ यात्रा के रूट से कुछ किलोमीटर दूर ही चला था. इस बार फिर कुलगाम में ही आतंकियों ने गोलीबारी की है.
वैसे पिछले कुछ दिनों में सेना द्वारा कई आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया है. जब से घाटी में टारगेट किलिंग का दौर फिर से शुरू हुआ है. जब से फिर कश्मीरी पंडित, सरपंच और बाहरी मजदूरों को निशाना बनाना शुरू किया है, सेना भी ऑपरेशन ऑल आउट के जरिए उनको मुंहतोड़ जवाब दे रही है. इस समय क्योंकि अमरनाथ यात्रा जारी है, ऐसे में सुरक्षाबलों की सक्रियता और ज्यादा बढ़ चुकी है.

जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.

आज ईरान-अमेरिका युद्ध का 24 वां दिन है. आज युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान आया. ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर और इनर्जी के ठिकानों पर हमले नहीं होंगे. ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को युद्ध की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि ईरान की तरफ से अमेरिकी के साथ किसी तरह की बातचीत का खंडन किया गया है, ईरान का यही दावा है कि उनकी धमकी के डर से अमेरिकी राष्ट्रपति झुक गए. अब सवाल यही है क्या ट्रंप के सीजफायर से युद्ध रुक जाएगा.

गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. वह पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान की आड़ में काम कर रहा था. गिरोह के सरगना सुहेल समेत 22 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. यह गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजता था, जिसके बदले 4-6 हजार रुपये मिलते थे. दिल्ली-हरियाणा में लगाए कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग भी पाकिस्तान तक पहुंच रही थी. पुलिस जांच जारी है.

राजकोट में एक डॉक्टर के क्लिनिक में स्पाई कैमरा लगाकर निजी वीडियो रिकॉर्ड कर 25 लाख रुपये की उगाही के मामले में पुलिस ने डॉ. कमल नांढा को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने 3000 से ज्यादा वीडियो बनाकर स्थानीय पत्रकारों के जरिए ब्लैकमेल किया. राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि 11 आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

महायुद्ध के 24 दिन हो चुके हैं. खबरदार की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा यूटर्न से. डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम ऐलान किया कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को उन्होंने फिलहाल टाल दिया है. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है.








